







रमोलिया हाउस में क्रिएटिव ड्रामा कार्यशाला संपन्न
प्रवासी बच्चों संग “तितली अभियान” का आगाज़
सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। देहरादून स्थित डेरा थिएटर अब कुमाऊँ क्षेत्र में भी कला शिक्षा और नाट्य प्रशिक्षण कार्यशालाएँ आयोजित करेगा। इसकी शुरुआत हल्द्वानी के रमोलिया हाउस से हुई, जहाँ हिमालयन डायलॉग्स और काफल ट्री लाइव के सहयोग से क्रिएटिव ड्रामा कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस एक दिवसीय कार्यशाला में शहर के छह नामी स्कूलों के बच्चों ने भाग लिया। उद्देश्य था—बच्चों को कला के विविध रूपों से परिचित कराना, रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करना और व्यक्तित्व विकास की दिशा में नई संभावनाएँ खोलना।
🎭 बच्चों ने कहा – “यहाँ गलती करने की आज़ादी थी”
सुबह 11 से दोपहर 1:30 बजे तक चली इस कार्यशाला का संचालन देहरादून से आए थियेटर ट्रेनर शुबा (सुभाष रावत) ने किया।
उन्होंने बताया —
“कार्यशाला का मकसद था बच्चों को वह सब करने का अवसर देना जो वे स्कूल में अक्सर नहीं कर पाते — जैसे खुद को अभिव्यक्त करना, दूसरों की बात ध्यान से सुनना और समूह में मिलकर काम करने का आनंद लेना।”
इस सत्र में बिड़ला स्कूल, निर्मला कॉन्वेंट, बीएलएम अकेडमी, स्वास्त्यन स्कूल, हैरिटेज स्कूल और ऑरम द ग्लोबल स्कूल के बच्चों ने हिस्सा लिया।
प्रतिभागी सात्विक पाठक, नित्यम पाठक, दृष्टि, जाह्नवी, कार्तिक, जतिन, शाश्वत, मयंक, दिव्यांश, स्निग्धा, यात्रा, सारस्वत उप्रेती और आयुषी पंत ने अपनी प्रस्तुति दी।
बच्चों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा—
- “यहाँ गलती करने की भी आज़ादी थी।” – नित्यम
- “ड्रामा ने सिखाया कि एक-दूसरे की बात सुनना भी कला है।” – कार्तिक
- “ऐसी कार्यशालाएँ पढ़ाई से ज़्यादा सिखाती हैं।” – जाह्नवी
- “यहाँ सवाल करने पर डांट नहीं, प्रोत्साहन मिला।” – शाश्वत उप्रेती
अभिभावकों और शिक्षकों ने की पहल की सराहना
अभिभावकों और शिक्षकों का कहना था कि ऐसे रचनात्मक आयोजन बच्चों को मोबाइल और इंटरनेट की लत से दूर रखते हैं।
कार्यक्रम में विनोद जीना, सुरेश उप्रेती, सुरेश भट्ट, रवि फुलारा, हिमांशु रिस्की पाठक, के.के. बोरा, संचिता पाठक, बीना जीना, हिमांशु (एलआईसी) और रेडियो पत्रकार सुनीता भास्कर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. प्रभात उप्रेती (पालीथीन बाबा) ने की। उन्होंने कहा —
“जब बच्चों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी जाती है, तो उनमें आत्मविश्वास और संवेदनशीलता दोनों विकसित होते हैं। यही शिक्षा का असली उद्देश्य है।”
🦋 फतेहपुर में प्रवासी बच्चों संग ‘तितली अभियान’ का शुभारंभ
शाम के समय चार धाम मंदिर प्रांगण, फतेहपुर में डेरा थिएटर और हिमालयन डायलॉग्स द्वारा ‘तितली अभियान’ की शुरुआत की गई।
इस अभियान में शहर के प्रवासी मजदूरों और बटाईदार परिवारों के बच्चों ने हिस्सा लिया। इनमें से कई बच्चे स्कूल नहीं जाते, इसलिए उनके लिए यह आयोजन किसी त्यौहार से कम नहीं था।
अभियान संयोजक सुनीता भास्कर ने बताया—
“तितली अभियान का उद्देश्य है मजदूर परिवारों के बच्चों तक शिक्षा, खेल सामग्री और कला के अवसर पहुँचाना। साथ ही डेरा थिएटर के सहयोग से इन बच्चों को थियेटर प्रशिक्षण देना भी अभियान का हिस्सा है।”
इस विशेष सत्र में देवपुर कुरिया स्कूल के राजेंद्र, पिंकी, कपिल, दीक्षा, डौली, रोहित सहित कई बच्चे शामिल हुए।
मजदूर अभिभावकों ने कहा—
“हम मजदूरी के चक्र में फंसे हैं, लेकिन चाहते हैं कि हमारे बच्चे इस काम से आगे बढ़ें।”
🌈 कला शिक्षा से बच्चों के भविष्य में नई रोशनी
डेरा थिएटर की यह पहल कुमाऊँ क्षेत्र में कला शिक्षा को सशक्त करने और समाज के हर वर्ग तक रचनात्मक अभिव्यक्ति पहुँचाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में आने वाले महीनों में भी इसी तरह की ड्रामा और क्रिएटिव आर्ट वर्कशॉप्स आयोजित की जाएँगी।












