HomeUttarakhandAlmoraअल्मोड़ा: लेखन कला की बारीकियों से रूबरू हो रहे हैं बच्चे

अल्मोड़ा: लेखन कला की बारीकियों से रूबरू हो रहे हैं बच्चे

👉 ‘नशा नहीं रोजगार दो’ आंदोलन की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में चौखुटिया में कार्यशाला

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: ‘नशा नहीं, रोजगार दो’ जनांदोलन की 42वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में नव प्रभात पब्लिक स्कूल, बसभीड़ा में बाल प्रहरी पत्रिका एवं ज्ञान–विज्ञान समिति के संयुक्त तत्वावधान में बच्चों के लिए एक दिवसीय लेखन कार्यशाला आयोजित हुई। यह कार्यशाला स्व. नरोत्तम तिवारी की स्मृति में हुई।

कार्यशाला का शुभारंभ क्षेत्र के जाने-माने चिकित्सक एवं सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय रहने वाले डॉ. कुलदीप बिष्ट ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि ‘नशा नहीं, रोजगार दो’ आंदोलन ने समाज को नई दिशा और वैचारिक दृष्टि दी है, जो आज के समय में पहले से अधिक प्रासंगिक हो गया है। उन्होंने स्व. नरोत्तम तिवारी के व्यक्तित्व, सामाजिक योगदान और परिवार के माध्यम से किए जनकल्याणकारी कार्यों पर प्रकाश डाला। कार्यशाला में बच्चों को बाल कवि सम्मेलन, पत्रिका निर्माण तथा विभिन्न खेलों और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से लेखन की बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में बच्चों ने भाग लिया। नाम लेखन, शब्द लेखन, मेरा परिचय तथा कविता लेखन जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पत्रिकाएं उपहार स्वरूप प्रदान की गईं।

कार्यशाला के दौरान उदय किरौला ने बच्चों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कार्यशाला के विभिन्न क्रियाकलापों और उनके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। लेखन कार्यशाला का समापन 1 फरवरी को होगा। इसके साथ ही नशा नहीं, रोजगार दो आंदोलन की 42वीं वर्षगांठ के अवसर पर बसभीड़ा एवं चौखुटिया क्षेत्र में नशा मुक्ति और रोजगार के सवाल को लेकर विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

Ad Ad
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments