HomeUttarakhandBageshwarबागेश्वरः दूरस्थ लीती गांव पहुंचे मुख्यमंत्री के सचिव, लगाई चौपाल

बागेश्वरः दूरस्थ लीती गांव पहुंचे मुख्यमंत्री के सचिव, लगाई चौपाल

👉 समस्याएं सुनीं, योजनाओं की प्रगति जानी, ग्रोथ सेंटर देखा

सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वरः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत सचिव मुख्यमंत्री, वित्त एवं आवास सुरेन्द्र नारायण पाण्डे ने लीती के प्राथमिक विद्यालय जमुवाखाल में चौपाल लगाकर जन संवाद किया और क्षेत्र की समस्याएं सुनते हुए सरकार की योजनाओं के प्रगति की जानकारी ग्रामीणों से ली। उन्होंने लीती में ही रात्रि विश्राम किया। उन्होंने लीती में सब्जी, कीवी उत्पादन, मत्स्य पालन के साथ ही लीती-शाम में ग्रोथ सेंटर का निरीक्षण किया।

सचिव ने ग्रामीणों से क्षेत्र में कृषि, उद्यान, मत्स्य, पशुपालन, स्वास्थ्य सुविधायें, शिक्षा, दुग्ध, सहकारिता, बाल विकास द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारियॉ ली व जागरूक होकर जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने को कहा। इस दौरान आयोजित चौपाल में प्रधान लीती चामू सिंह कोरंगा ने इन्टर कालेज लीती में स्थाई प्रधानाचार्य, शिक्षक तैनाती के साथ ही पर्यावरण मित्र नियुक्त करने तथा विज्ञान वर्ग संचालित कराने का अनुरोध किया। धना देवी ने उनके द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूह की जानकारियॉ देते हुए समूह द्वारा सब्जी उत्पादन, पशुपालन, होम स्टे संचालन की जानकारियां दी।

साथ ही उन्होंने लीती में एएनएम सेंटर खोलने व प्राथमिक विद्यालय जमुवाखाल लीती को आदर्श विद्यालय बनाने का अनुरोध किया। क्षेत्रवासियों ने लीती सीप फार्म की खाली बंजर पड़़ी भूमि को कार्य करने हेतु महिला समूह को देने की मांग रखी तथा उरेडा की विद्युत लाईन एवं ट्रांसफार्मर खराब होने से लीती के 60 परिवारों वाले तोक को यूपीसीएल विद्युत लाईन से संयोजित करने की मांग की। चौपाल में जिला विकास अधिकारी संगीता आर्या, प्रभागीय वनाधिकारी उमेश तिवारी, उप जिलाधिकारी मोनिका, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा आर चन्द्रा, महाप्रबन्धक उद्योग जीपी दुर्गापाल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
सीएम के सचिव से जगी उम्मीद

बागेश्वर। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर कई बार प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन हालात जस के तस रहे। इस बार सीएम के सचिव गांव पहुंचे हैं और समस्याएं सुनीं। अब देखना है कि उनका दौरा औपचारिक रहता है या फिर इससे ग्रामीणों को कोई लाभ होगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार गंभीर हुई, तो दो माह में इसका असर देखने को मिलेगा।

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