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Bageshwar: हिमालयी राज्यों की उपेक्षा कर रहा केंद्र—प्रदीप टम्टा

— पूर्व सांसद बागेश्वर में पत्रकारों से हुए मुखातिब
— भाजपा सरकार की कई नाकामियां​ गिनाई

सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर
पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि केंद्र सरकार हिमालयी राज्यों की उपेक्षा कर रही है। पानी और जंगल उत्तराखंड की मूलभूत अर्थ व्यवस्था हैं। जंगलों को बचाना होगा। उनकी सरकार ने ग्रीन बोनस की बात की। केंद्रीय बजट से दो प्रतिशत हिमालयी राज्यों के लिए स्पेशल पैकेज का निर्णय लिया। लेकिन भाजपा सरकार ने इसे भी छीन लिया। राज्य में स्मैक ने पांव पसार लिए है। संगठित रूप से नशे को बढ़ावा दिया जा रहा है।

रविवार को पत्रकार वार्ता में पूर्व सांसद टम्टा ने कहा कि केंद्र की सरकार का आठ वर्ष के कार्यकाल हो गया है। टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन अधर में है। कर्णप्रयाग-ऋषिकेश रेल लाइन 2023 तक बनाने का दावा है। यह योजनाएं कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रीय प्रोजेक्ट में शामिल किया था। टनकपुर-जौलजीवी रेल मार्ग और मोटर मार्ग पर एक इंच तक काम नहीं हो सका है। पिथौरागढ़ के नैनी-सैनी हवाई अड्डा चुनाव से पहले उड़ान भ्ररने लगता है। यह कुमाऊं की उपेक्षा है।

उत्तराखंड का सबसे बड़ा रोजगार सेना भी युवाओं से छीन ली गई है। अग्निपथ योजना लाकर पहाड़ के युवाओं के सेना में जाने का रास्ता भी बंद हो गया है। राज्य के सीएम जब दो माह के सीएम रहे उन्होंने 24 हजार नौकरियों को लेकर खूब होहल्ला किया। फुल टाइम सीएम बनने के बाद चुप्पी साध ली है। अधीनस्थ आयोग में फर्जी नियुक्तियां की गई। राजनेता, अधिकारी और भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई नहीं हो सकी है। विधानसभा भर्ती घोटाले में मंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल को अभी तक बर्खास्त नहीं किया है। अपराध बढ़ रहे हैं। अंकिता कांड का वीआइपी अभी छुपा हुआ है।

पूर्व सांसद ने कहा कि उत्तरकाशी में नाबालिग से दुष्कर्म हुआ और वह न्याय के लिए भटक रही है। पिथौरागढ़, चंपावत, अल्मोड़ा और बागेश्वर में नशा पांव पसार रहा है। स्मैक ड्रोन से नहीं आ रही है। गिरोह का पर्दाफाश करने में पुलिस नाकाम है। एसीओजी सिस्टम में बदलाव की जरूरत है। अपराधियों से गठजोड़ हो सकता है। प्रभारी मंत्री के संज्ञान में स्मैक मामला है। उन्होंने सीएम से चर्चा करनी थी। उनकी जिम्मेदारी है। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष भगत डसीला, हरीश ऐठानी, सुनील भंडारी, राजेंद्र टंगड़िया, केवल पांडे, मनोज राठौर, गोविंद बिष्ट, कुंदन गिरी आदि उपस्थित थे।

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