CNE REPORTER : हरिद्वार जिले के रुड़की क्षेत्र में शनिवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के मोहम्मदपुर झाल के पास तेज रफ्तार किया सेल्टोस कार अनियंत्रित होकर गंग नहर में जा गिरी, जिससे मेरठ के रहने वाले दो युवकों की डूबने से मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में हादसे की मुख्य वजह ओवरस्पीड और नहर पटरी पर मौजूद खतरनाक मोड़ बताई जा रही है।
हरिद्वार जिले के रुड़की क्षेत्र में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन हो रही दुर्घटनाएं लोगों की जान पर भारी पड़ रही हैं। ताजा मामला मंगलौर कोतवाली क्षेत्र का है, जहां 3 जनवरी शनिवार की देर रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया।
पुलिस के अनुसार, देर रात सूचना मिली कि मोहम्मदपुर झाल के पास एक कार गंग नहर में गिरी हुई है। सूचना मिलते ही मंगलौर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर देखा गया कि ग्रे रंग की किया सेल्टोस (KIA SELTOS) कार गंगनहर में पूरी तरह डूबी हुई थी।
रेस्क्यू ऑपरेशन
हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल झाल कर्मियों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पानी के भीतर तलाशी के दौरान कार के अंदर दो युवक अचेत अवस्था में मिले। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला गया और 108 एम्बुलेंस से रुड़की के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मेरठ के दो युवकों की मौत
मृतकों की पहचान सौरभ शर्मा (25 वर्ष) पुत्र राजकुमार शर्मा और पुनीत (25 वर्ष) पुत्र आशुतोष, निवासी कुराली, थाना जानी, मेरठ (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।
दुर्घटनाग्रस्त वाहन को क्रेन की सहायता से गंग नहर से बाहर निकाल लिया गया है। पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद दुर्घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी।
इस संबंध में मंगलौर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वाहन तेज गति में था। मोड़ आने पर चालक नियंत्रण खो बैठा, जिससे कार सीधे गंगनहर में जा गिरी।
हादसे की सूचना मिलते ही दोनों मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। वाहन के पंजीकृत स्वामी विवेक शर्मा ने पुलिस को फोन पर बताया कि दोनों युवक किसी निजी कार्य से रुड़की आए थे। इस दर्दनाक हादसे के बाद दोनों परिवारों में मातम का माहौल है।

