👉 अल्मोड़ा में राम ज्योति आंदोलन की 35वीं वर्षगांठ पर सम्मान समारोह
👉 दिवंगत कार्यकर्ताओं को श्रद्धासुमन, कई वीर रामसेवक हुए सम्मानित
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: ऐतिहासिक राम ज्योति आंदोलन की 35वीं वर्षगांठ पर आज सोमवार को यहां धर्म जागरण समन्वय (कुमाऊं संभाग) की ओर से यहां भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस आंदोलन में दिवंगत कार्यकर्ताओं को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए और आंदोलन के वीर रामसेवकों को सम्मानित किया गया।

यहां माल रोड स्थित एक होटल सभागार में केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा, मेयर अजय वर्मा, पूर्व सांसद बलराज पासी, विधायक बंशीधर भगत, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, तथा पूर्व मेयर जोगेंद्र रौतेला आदि अतिथियों की मौजूदगी में दीप प्रज्वलन के साथ समारोह शुरू हुआ। सर्वप्रथम ‘राम ज्योति आंदोलन—सम्मान समारोह’ में आंदोलन का भावनात्मक माहौल में स्मरण हुआ। प्रो. मंजुला बिष्ट ने राम स्तोत्र का पाठ कर माहौल को भक्तिमय बनाया। समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि सोमनाथ से अयोध्या तक की यात्रा का यह अध्याय अल्मोड़ा की धरती पर इतिहास बन गया। राम ज्योति यात्रा को रोकने के प्रयास में कारसेवकों पर गोलियां चलीं, लेकिन उनकी भक्ति और साहस ने नया युग प्रारंभ किया। विधायक बंशीधर भगत ने अपने संबोधन में कहा कि राम मंदिर निर्माण हो चुका है, अब राष्ट्र निर्माण की बारी है। पूर्व सांसद बलराज पासी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण केवल आस्था का नहीं, बल्कि आत्मगौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इतिहास से सीख लेकर हमें आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रवाद, धर्म और परिवार मूल्यों से जोड़ना होगा।
इससे पहले कार्यक्रम के संयोजक एवं बजरंग दल के पूर्व विभाग संयोजक राजीव गुरुरानी ने बताया कि 13 अक्टूबर 1990 को अल्मोड़ा में निकली राम ज्योति यात्रा के दौरान पुलिस द्वारा गोली चलाई गई थी। जो आज़ादी के बाद पहली बार हुआ था। उन्होंने कहा कि उस दिन अल्मोड़ा के युवाओं विशेषकर रामसेवकों ने विपरीत परिस्थितियों में भी आस्था की ज्योति को बुझने नहीं दिया। जो भक्ति, साहस और राष्ट्र समर्पण की मिसाल थी। समारोह में आंदोलन में जेल जाने वाले और आंदोलन में सक्रिय योगदान देने वाले वीर रामसेवकों एवं उनके परिजनों का सम्मानित किया गया। आंदोलन के दौरान दिवंगत हुए सक्रिय रामसेवकों में शामिल प्रमुख पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री पूरन शर्मा, पूर्व विधायक गोविंद सिंह बिष्ट, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष रविंद्र पंत, दीनानाथ शाह, मेघश्याम बोरा, हेमचंद्र शाह, कैप्टन जगदीश सनवाल, नंदन सिंह कपकोटी, दीवान सिंह नगरकोटी और विनोद वर्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किया गया।
इन्हें किया गया सम्मानित
सम्मान समारोह में मनोज रावत, जितेंद्र बिष्ट, बंटी बिष्ट, बिपिन भट्ट, खीम सिंह बोरा, संदीप श्रीवास्तव, विजया पंत, हर्षवर्धन साह, सूरज शिरडी, कपिल मल्होत्रा, हेमंत रावत, शंकर देवड़ी, दीपक वर्मा, लता बोहरा, निर्मला जोशी, राधिका जोशी, मनोज वर्मा आदि अनेक आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।
प्रदर्शनी ने बयां किया साहस
समारोह के दौरान राम जन्मभूमि आंदोलन से संबंधित ऐतिहासिक चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस प्रदर्शनी ने उस दौर में कारसेवकों के साहस, त्याग और योगदान को बखूबी प्रदर्शित किया। कार्यक्रम में एक स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
ये रही खास उपस्थिति
कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर अजय वर्मा तथा संचालन प्रो. आराधना शुक्ला ने किया। इसमें ललित लटवाल, रवि रौतेला, रमेश बहुगुणा, प्रकाश पंत, नरेश वर्मा, नवीन पाठक, धर्मेंद्र बिष्ट, दर्शन रावत, गोविंद पिलख्वाल, शैलेंद्र शाह, जगत कंवल, हीरा कनवाल, आनंद कनवाल, मनोज सिंह पवार, दीप जोशी, शंकर जोशी, नीरज थापा, अतुल वर्मा, कमल बिष्ट, सुनील कुमार, प्रकाश भट्ट, अर्जुन चीमा, देवेंद्र भट्ट, कैलाश गुरुरानी, मनोज जोशी, लता बोहरा, गोदावरी चतुर्वेदी, मनीष जोशी, बीना नयाल, दीपा बिष्ट, नेहा उप्रेती, मीरा मिश्रा, तारा भंडारी, मीना भैसोड़ा, सुरेश सुयाल, नंदन सिंह, शंकर सिंह बिष्ट, आशा बिष्ट, श्याम पांडे, दीपक पांडे, गिरीश जोशी, भुवन भास्कर राठौर, पूरन बिष्ट, प्रांत संस्कृति प्रमुख अरविंद जोशी आदि उपस्थित रहे।

