कैड़ा ने अधिकारियों को चेताया, कहा- जनप्रतिनिधियों के फोन न उठाना बर्दाश्त नहीं
CNE REPORTER, बागेश्वर। प्रदेश के शहरी विकास एवं जनपद के प्रभारी मंत्री राम सिंह कैड़ा ने शुक्रवार को विकास भवन सभागार में आयोजित जिला योजना की बैठक में अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाया। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनप्रतिनिधियों के फोन न उठाना एक गंभीर लापरवाही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 59.61 करोड़ रुपये का परिव्यय (Budget) सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। गौरतलब है कि इस बार का बजट पिछले वर्ष की तुलना में 1.10 लाख रुपये कम रखा गया है। इसके अलावा, बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की 15.83 करोड़ रुपये की देनदारी पर भी चर्चा की गई।
प्रमुख निर्देश: जनहित और पारदर्शिता सर्वोपरि
प्रभारी मंत्री राम सिंह कैड़ा ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:
- फोन उठाना अनिवार्य: मंत्री ने कहा कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों के फोन तत्काल उठाएं और उनकी शिकायतों का त्वरित निस्तारण करें।
- समयबद्धता और गुणवत्ता: विकास कार्यों को तय समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
- विकास की अग्रिम पंक्ति: समन्वित प्रयासों और पारदर्शी कार्यप्रणाली से ही बागेश्वर को विकास की मुख्यधारा में लाया जा सकता है।
- जनहित की प्राथमिकता: जिला योजना में केवल उन्हीं कार्यों को शामिल किया जाए जो सीधे जनता के लाभ से जुड़े हों।
स्वागत और स्वयं सहायता समूहों का प्रोत्साहन
बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी आकांशा कोंडे ने प्रभारी मंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। बैठक से पूर्व, मंत्री जी ने विकास भवन परिसर में स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय उत्पादों की सराहना करते हुए महिला समूहों का उत्साहवर्धन किया और उनके प्रयासों को स्वरोजगार की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
“अधिकारी जनता के सेवक हैं। यदि वे जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनेंगे, तो जनसमस्याओं का समाधान कैसे होगा? सभी अधिकारी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं।” — राम सिंह कैड़ा, प्रभारी मंत्री
बैठक में बागेश्वर विधायक पार्वती दास, कपकोट विधायक सुरेश गाड़िया, दर्जा राज्य मंत्री शिव सिंह विष्ट, दर्जा राज्य मंत्री भूपेश उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे, मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा, प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न तथा जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी दिनेश रावत सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।


