2 हफ्ते के युद्धविराम पर बनी सहमति !
वाशिंगटन/तेहरान: पिछले 40 दिनों से मध्य-पूर्व को दहलाने वाली जंग पर फिलहाल विराम लग गया है। अमेरिका और ईरान के बीच आखिरकार 2 हफ्ते के सीजफायर (सीमित युद्धविराम) पर सहमति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऐतिहासिक घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए दुनिया को राहत की खबर दी है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह फैसला मानवीय आधार और क्षेत्रीय स्थिरता को देखते हुए लिया गया है।
हालांकि सीजफायर के बाद भी लेबनान पर हमला हुआ है। इजरायली ड्रोन ने दक्षिणी लेबनान पर अटैक किया है, जिसके बाद भीषण आग लग गई है।
पाकिस्तान और चीन की मध्यस्थता लाई रंग
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, यह समझौता कूटनीतिक मोर्चे पर एक बड़ी जीत माना जा रहा है। ट्रंप ने इस सफलता का श्रेय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और वहां के आर्मी चीफ की विशेष अपील को दिया है। जब यह युद्ध खतरनाक मोड़ पर था, तब पाकिस्तान ने 2 हफ्ते के सीजफायर का प्रस्ताव रखा, जिसे चीन के आखिरी समय में किए गए हस्तक्षेप के बाद ईरान ने स्वीकार कर लिया।

ट्रंप की ‘विनाशकारी’ चेतावनी के बाद झुका ईरान
इस समझौते से ठीक पहले राष्ट्रपति ट्रंप का रुख बेहद सख्त था। उन्होंने ईरान को सीधी चेतावनी दी थी कि यदि होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से जहाजों को सुरक्षित रास्ता नहीं मिला, तो अमेरिका ईरान के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा और उसकी पूरी सभ्यता को खत्म करने में भी संकोच नहीं करेगा। इसी दबाव और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के बीच तेहरान बैकफुट पर आया।

अमेरिका और ईरान के बीच 40 दिन से जारी जंग के बाद आखिरकार 2 हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बन गई है।
डील की 5 बड़ी बातें: क्या हुआ समझौता?
- हमलों पर रोक: अमेरिका और इजराइल ईरान पर अपने सभी हमले तुरंत प्रभाव से रोकेंगे।
- ईरान की प्रतिबद्धता: ईरान भी अपनी ओर से किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई या रॉकेट हमले नहीं करेगा।
- होर्मुज स्ट्रेट का रास्ता: ईरानी सेना की मदद से होर्मुज स्ट्रेट से तेल, गैस और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी।
- दायरा: यह युद्धविराम न केवल ईरान-अमेरिका सीमा पर, बल्कि लेबनान और अन्य संबंधित संघर्ष क्षेत्रों पर भी लागू होगा।
- शांति वार्ता: 10 अप्रैल को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच औपचारिक शांति वार्ता शुरू होगी।
अगला पड़ाव: इस्लामाबाद में आमने-सामने होंगे दिग्गज
इस सीजफायर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 10 अप्रैल को होने वाली बैठक है। इस्लामाबाद अब वैश्विक राजनीति का केंद्र बनने जा रहा है, जहां अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि लंबे समय के बाद एक मेज पर बैठेंगे। दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह 14 दिनों का युद्धविराम एक स्थाई शांति समझौते में तब्दील हो पाएगा या यह महज एक ‘स्टॉप-गैप’ व्यवस्था बनकर रह जाएगा।
फिलहाल, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद है और वैश्विक बाजारों ने इस खबर का स्वागत किया है।
ट्रंप की हार हुई है : US सीनेटर
US सीनेटर क्रिस मर्फी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ जंग में ट्रंप की पूरी तरह हार हुई है। उन्होंने सरेंडर कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ पर कंट्रोल देने पर सहमति दे दी है। यह दुनिया के लिए बहुत ही असाधारण और विनाशकारी बात है।
🚨 ब्रेकिंग न्यूज़: मिडिल ईस्ट में बड़ा घटनाक्रम
सीजफायर का ऐलान और फिर हमला
- संघर्ष विराम: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दो सप्ताह के सीजफायर (संघर्ष विराम) का ऐलान किया है। यह घोषणा मंगलवार (7 अप्रैल) को की गई।
- ताजा हमला: सीजफायर की घोषणा के कुछ ही देर बाद लेबनान पर हमला हुआ। दक्षिणी लेबनान में इजरायली ड्रोन अटैक के बाद भीषण आग लगने की खबर है।
- स्थिति: शांति की पहल के तुरंत बाद हुए इस हमले ने क्षेत्र में तनाव को एक बार फिर बढ़ा दिया है।


