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UCC में पहाड़ के मूल निवासियों का बड़ा अहित : उलोवा

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🔥 पर्वतीय प्रदेश की डैमोग्राफी बदलने वाला प्राविधान

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। उत्तराखंड लोक वाहिनी ने उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता (UCC) के प्राविधानों को लेकर कई सवाल खड़े किए और सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई। खास तौर पर उस प्राविधान पर चर्चा हुई जिसमें कहा गया है कि एक माह तक यहां निवास करने वाले को राज्य का स्थाई निवासी मान लिया जायेगा।

उलोवा के अध्यक्ष राजीव लोचन साह की अध्यक्षता में हुई बैठक में उत्तराखंड में लागू (यूसीसी) समान नागरिकता कानून पर प्रतिक्रिया व्यक्त् करते हुए कहा गया कि इससे पर्वतीय राज्य उत्तराखंड का क्या हित होगा। इसके प्राविधानों पर सरकार से मांग की गई कि वह स्थिति को स्पष्ट करे। जैसा कि कहा जा रहा है कि UCC में यह कानून बनाया गया है कि यदि कोई व्यक्ति उत्तराखंड मे एक माह तक निवास करता है तो वह राज्य का स्थाई निवासी बन जायेगा। यह उत्तराखंड की डैमोग्राफी को बदलने वाला व मूल निवासियों के हितों को समाप्त करने वाला प्राविधान है।

मैदानी क्षेत्र के लोगों को लगातार बढ़ रहा घनत्व

वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड के मैदानी जनपदों में पिछले दस सालों में जनसंख्या दोगुनी हो गई है, जिससे पहाड़ की विधानसभा सीटों पर प्रभाव पड़ना तय है। वहीं मैदानी जनपद के मूल निवासियों के हक भी प्रभावित होंगे। वाहिनी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के प्रति उपेक्षित रवैया अपना रही है। जिस कारण राज्य के पहाड़ों से अनवरत पलायन जारी है। राज्य की प्रबल अवधारणा के अनुरूप गैरसैंण राजधानी नहीं बन पाई है। दूसरी ओर हरिद्वार व उधमसिंह नगर जनपद में जनसंख्या घनत्व तेजी से बढ़ रहा है। पहाड़ों में भी बाहरी प्रदेशों के लोग अब धार्मिक प्रयोजन के नाम पर जमीनें खरीद कर जमीनों की लूट मचा रहे हैं।

सरकार बताये कब करेगी भू—कानून लागू

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भू—कानून की बात को कर रहा है पर कैसा भू—कानून कब तक ला रही है। इसे भी स्षष्ट किया जाना चाहिये। हरिद्वार जनपद में पूर्व व वर्तमान जनप्रतिनिधियों के बीच जो गैंगवार छिड़ी है यह पर्वतीय राज्य की संस्कृति के अनुरूप नही है। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा पहाड़ों में नशाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण करने के बजाय शराब की दुकानों में भारी वृद्धि करना दुखद है। वहीं बच्चों मे ड्रग्स की प्रवृति का बढ़ना भी युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ है। पूर्व में वाहिनी राज्य मे नशा नही रोजगार दो आंदोल चला चुकी है।

04 फरवरी को डॉ. शमशेर सिंह बिष्ट जयंती

बैठक में यह भी तय किया गया कि आगामी चार फरवरी को डॉ. शमशेर सिंह बिष्ट की जयंती पर एक संगोष्ठी की जायेगी। बैठक का संचालन पूरन चन्द्र तिवारी ने किया। बैठक में अजय मित्र बिष्ट, विशन दत्त जोशी, वाहिनी के उपाध्यक्ष जंग बहादुर थापा, अजय मेहता, दयाकृष्ण कांडपाल आदि मौजूद रहे।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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