विवादित प्रश्नों की होगी एक्सपर्ट समीक्षा
हाई कोर्ट के निर्देश पर UKPSC मुख्य परीक्षा (6-9 दिसंबर) पर लगी रोक, प्रारंभिक परीक्षा के विवादित प्रश्नों की विशेषज्ञ समिति करेगी समीक्षा।
✍️ उत्तराखंड हाईकोर्ट ने UKPSC मुख्य परीक्षा (6-9 दिसंबर) पर रोक लगा दी है। प्रारंभिक परीक्षा के गलत प्रश्नों की समीक्षा विशेषज्ञ समिति करेगी। जानिए मेरिट पर पड़ने वाले संभावित असर।
CNE NAINITAL : उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) की बहुप्रतीक्षित संयुक्त राज्य सिविल/प्रवर अधीनस्थ सेवा मुख्य परीक्षा फिलहाल स्थगित कर दी गई है। यह परीक्षा, जो 6 से 9 दिसंबर के बीच आयोजित होने वाली थी, अब उत्तराखंड हाईकोर्ट के एक महत्वपूर्ण निर्देश के बाद टाल दी गई है। हाईकोर्ट ने यह फैसला प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए कुछ विवादित और गलत सवालों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
दरअसल, हरिद्वार निवासी कुलदीप राठी समेत कई उम्मीदवारों ने UKPSC की प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए कुछ प्रश्नों पर गंभीर आपत्ति जताई थी। उनका तर्क था कि ये प्रश्न या तो तथ्यात्मक रूप से गलत थे, या फिर उनके दिए गए विकल्पों में स्पष्टता का अभाव था। इन आपत्तियों के कारण, उम्मीदवारों की मेरिट पर सीधे असर पड़ रहा था।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ में हुई, और परिणामस्वरूप, खंडपीठ ने इस विषय की गंभीरता को स्वीकार किया।
कोर्ट के सख्त निर्देश और UKPSC परीक्षा पर रोक
मामले की सुनवाई के बाद, उत्तराखंड हाईकोर्ट ने स्पष्ट और निर्णायक निर्देश जारी किए हैं:
- प्रश्न संख्या 70 को हटाया जाए: कोर्ट ने निर्देश दिया है कि प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न संख्या 70 को पूरी तरह से हटा दिया जाए।
- तीन विवादित प्रश्नों की विशेषज्ञ समिति द्वारा समीक्षा: शेष तीन विवादित सवालों की दोबारा, निष्पक्ष समीक्षा एक विशेषज्ञ समिति (Expert Committee) से कराई जाएगी।
कोर्ट का मत है कि जब तक इन विवादित सवालों की निष्पक्ष जांच पूरी नहीं हो जाती और मेरिट लिस्ट को सही और संशोधित तरीके से पुनः निर्धारित नहीं किया जाता, तब तक मुख्य परीक्षा करवाना किसी भी हाल में उचित नहीं होगा। यही कारण है कि UKPSC की मुख्य परीक्षा पर यह अस्थायी रोक लगाई गई है।
मेरिट में बदलाव की संभावना
यह पूरा मामला 2024-25 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है, जिसके तहत डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर सहित कुल 123 पदों पर भर्ती होनी है। प्रारंभिक परीक्षा में जनरल स्टडीज और सीएसटी के 150-150 अंकों के पेपर हुए थे, और इन्हीं अंकों के आधार पर उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था। लेकिन अब, अगर कोई सवाल हटाया जाता है या उसके अंक सभी उम्मीदवारों को दिए जाते हैं, तो निश्चित रूप से कई उम्मीदवारों की मेरिट रैंक में बड़ा बदलाव आना तय है। इससे मुख्य परीक्षा के लिए नए सिरे से शॉर्टलिस्टिंग हो सकती है।

