सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
एसएसजे कैंपस में बीएड में अध्ययनरत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्र—छात्राओं में छात्रवृत्ति में कटौती को लेकर आक्रोश उभर आया है। उन्होंने शुक्रवार को यहां गांधी पार्क में धरना दिया और सभा की। जिसमें पूरी छात्रवृत्ति का भुगतान करने और अनियमितता करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बाद में जिलाधिकारी को मांगों को ज्ञापन भी भेजा।
धरने के दौरान सभा में वक्ताओं ने कहा कि सत्र 2017—18 से बीएड में अध्ययनरत छात्र—छात्राओं की छात्रवृत्ति में कटौती की जा रही है, जो अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कुमाऊं विश्वविद्यालय की फीस अलग—अलग कोटे के आधार पर अदा करनी होती हैं। इसमें स्टेट कोटे की फीस 42 हजार रुपये और मैनेजमेंट कोटे की फीस 55 हजार रुपये है। विगत वर्षों में पूरी फीस छात्रवृत्ति के माध्यम से वापस की जाती थी। वक्ताओं ने कहा कि विगत वर्ष की भाति वर्ष 2020 में अन्य जिलों में कोटे के अनुसार पूरी छात्रवृत्ति दी गई है, लेकिन अल्मोड़ा जनपद में समाज कल्याण विभाग द्वारा छात्रवृत्ति में कटोती करके केवल 14,950 रुपये कर दी गई है। छात्रों का कहना है कि समाज कल्याण विभाग जीओ का हवाला दे रहा है। अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के छात्रों ने कहा कि अन्य जिलों में पूरी छात्रवृत्ति मिल रही है। महज अल्मोड़ा के लिए अलग जीओ की बात समझ से परे है।
उन्होंने कहा कि कई छात्र—छात्राओं ने कर्ज लेकर फीस जमा की है। उनके सामने आर्थिक संकट बना है। दूसरी ओर उनके साथ अन्याय हो रहा है और उनके शिक्षा के अधिकार को छीना जा रहा है। उन्होंने भेदभावपूर्ण रवैये को विरोध करते हुए इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करने, छात्रवृत्ति की राशि का संपूर्ण भुगतान करने तथा अनियमितता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। धरने में हरीश आर्या, मंजू आर्या, दीपिका आर्या, यशोदा आर्या, धीरज कुमार, रामा, अमित कुमार, पंकज कुमार, जगमोहन आगरी, कंचन जाटव आदि कई छात्र—छात्राएं शामिल थी। बाद में उक्त मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को भेजा।
अल्मोड़ा न्यूज: छात्रवृत्ति कटौती का विरोध, एससी—एसटी व ओबीसी वर्ग के बीएड छात्रों ने दिया धरना
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