डोडा (जम्मू-कश्मीर): जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले से एक अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। भदेरवाह के दुर्गम खानी टॉप क्षेत्र में भारतीय सेना का एक बुलेटप्रूफ वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया।
इस भीषण हादसे में देश की सुरक्षा में तैनात 10 वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। सेना के ये जांबाज अपनी अग्रिम चौकी पर तैनाती के लिए जा रहे थे, तभी यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ।
दुर्गम रास्तों पर बहादुरी और बलिदान
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सेना का वाहन 17 जवानों के दल को लेकर ऊंचाई पर स्थित एक पोस्ट की ओर बढ़ रहा था। चालक द्वारा नियंत्रण खो देने के कारण वाहन लगभग 200 फीट गहरी खाई में जा गिरा। शुरुआत में चार जवानों के वीरगति प्राप्त होने की सूचना थी, परंतु अस्पताल में उपचार के दौरान गंभीर रूप से घायल छह अन्य योद्धाओं ने भी दम तोड़ दिया।
- दल की संख्या: 17 वीर सिपाही
- सर्वोच्च बलिदान: 10 जांबाज (वीरगति)
- उपचाराधीन: 7 घायल सैन्य कर्मी
उधमपुर एयरलिफ्ट और रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के तुरंत बाद सेना और स्थानीय पुलिस ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों और खराब मौसम के बीच बचाव कार्य (Rescue Operation) शुरू किया। घायल जवानों को तत्काल मलबे से निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया और बेहतर चिकित्सा सहायता के लिए उधमपुर सैन्य अस्पताल में एयरलिफ्ट किया गया। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, शेष 7 घायलों में से 3 की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
राष्ट्र की संवेदनाएं: ‘वीर सैनिकों की सेवा सदैव स्मरणीय’
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस अपूरणीय क्षति पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा देश इन जांबाज सैनिकों के परिवारों के साथ खड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेना के इन बहादुरों का शानदार सेवा भाव और सर्वोच्च बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि घायलों के उपचार में कोई कमी न छोड़ी जाए।
जारी होगी लिस्ट, आधिकारिक सूचना का इंतजार
इस हादसे में अपनी जान गंवाने वाले जवानों की सूची का इंतजार है। ज्ञात रहे कि डोडा (भदेरवाह) के खानी टॉप इलाके में हुए इस हादसे से संबंधित नवीनतम अपडेट्स खंगालने में समय लगेगा। जैसे ही रक्षा मंत्रालय (MoD) या सेना के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) द्वारा इन बहादुर जवानों के नाम सार्वजनिक किए जाते हैं, उन्हें यहाँ अपडेट किया जायेगा।
कृपया एक बात का ध्यान रखें: सैन्य प्रोटोकॉल के अनुसार, किसी भी हादसे के बाद जवानों के नाम तब तक सार्वजनिक नहीं किए जाते, जब तक कि उनके परिजनों (Next of Kin) को सूचित न कर दिया जाए।

