👉 पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई को जयंती पर कविताओं के जरिये दी श्रद्धांजलि
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की 100वीं जयंती के उपलक्ष्य में आज शुक्रवार को स्थानीय हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम के सभागार में एक काव्य गोष्ठी आयोजित हुई। जिसमें कई कवियों ने अटल के जीवन व कार्यकाल से जुड़ी स्वरचित रचनाओं को प्रस्तुत किया और कविताओं के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
अटल के जीवन वृत्त पर कवियों इस कविता का पाठ किया:—
”अचंभित हुआ था तब विश्व में, नव जल और थल,
जब अटल ने किया था पोखरण विस्फोट सफल,
आज देश के कोने-कोने में खिल रहा वह कमल,
अटल जी का लगाया पेड़ दे रहा है फल,
उन्हें चिंता नहीं इस पेड़ की, आज भी उनके साथी उसे देख रहे,
बनकर मार्गदर्शक मंडल।”
कवि नवीन बिष्ट ने अपनी प्रस्तुति यूं दी:—
”ऋणी रहेगी अटल भाजपा ऋणी रहेगा अजेय भारत।
जन जन तुमको नमन करेगा, देख रहा है भाग्य विधाता।
भारत भूमि गर्वित तुम पर, पूरा विश्व है गर्व कर रहा।”
इस अवसर पर कवि कंचन कुमार तिवारी, डॉ. दिलीप सिंह बोरा, त्रिभुवन गिरी महाराज आदि ने अपनी कृतियों से दर्शकों का मन मोहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने कवियों को शाल ओढ़ाकर एवं माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मेयर अजय वर्मा, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष महेश नयाल मौजूद रहे। इनके अलावा भाजपा नगर अध्यक्ष विनीत बिष्ट, महिला मोर्चा अध्यक्ष पूनम पालीवाल, जगत भट्ट, अर्जुन बिष्ट, देवेंद्र भट्ट, संजय जोशी, मनीष जोशी, मनोज जोशी, कैलाश गुरुरानी, मनोज सनवाल, सुनील कर्नाटक आदि कई लोग मौजूद रहे। कवि सम्मेलन के संयोजक में भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजीव गुरुरानी थे।

