सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: क्वारब में बने भूस्खलन जोन से रात्रि में मोटरमार्ग यातायात संचालन से खतरे की आशंका है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट आलोक कुमार पांडेय ने आज से आगामी 16 अक्टूबर तक रात क्वारब से हल्के व भारी वाहनों के आवागमन को प्रतिबंधित कर दिया है। उन्होंने ऐसे आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि आदेश की अवहेलना को गंभीरता से लिया जाएगा।
जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के अध्यक्ष आलोक कुमार पाण्डेय ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग—87 विस्तार (नया-109) के किमी-56 क्वारब पुल के पास हिल साईड की ओर लगभग 200 मीटर लम्बाई में भू-स्खलन जोन बन चुका है और मलवा बोल्डर सड़क में गिरने के कारण सुलभ एवं सुरक्षित यातायात के दृष्टिगत पोकलेन व जेसीबी मशीनें तथा टिप्पर से लगातार क्षतिग्रस्त भाग में पहाड़ी की ओर हिल कटिंग का कार्य कराया जा रहा है। मार्ग में कटिंग करने के बाद सोलिंग आदि कार्य करते हुए मार्ग को यातायात के लिए सुलभ बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी भी सड़क पर पहाड़ी से पत्थर/मलबा आदि गिरना समय-समय पर जारी है। ऐसे में मोटरमार्ग रात्रि के समय में यातायात के लिए असुरक्षित है।
उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आज शुक्रवार से आगामी 16 अक्टूबर, 2025 तक रात्रि 11 बजे से प्रातः 05 बजे तक क्वारब पर सड़क को हल्के एवं भारी वाहनों के संचालन पूर्णतः प्रतिबन्धित किया गया है। इस संबंध में जारी निर्देश में उन्होंने कहा है कि इस आदेश के अनुपालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता अक्षम्य होगी और आदेशों की अवेहलना को गम्भीरता से लिया जायेगा।
प्रतिबन्धित समय पर यदि इस सड़क पर दुर्घटना एवं वाहन संचालन के लिए सम्बन्धित चौकी/थाना प्रभारी पूर्णतः जिम्मेदार होंगे। यह भी स्पष्ट किया है कि एम्बुलेंस/क्रेन एवं अन्य आवश्यकीय सेवाओं में प्रयुक्त होने वाले वाहन इस प्रतिबन्ध से मुक्त रहेंगे। यदि किसी वाहन के प्रतिबन्धित अवधि में यातायात अपरिहार्यता हो, तो क्षेत्र के सम्बन्धित एसडीएम, पुलिस क्षेत्राधिकारी व जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी निर्णय लेने के लिए अधिकृत होंगे।

