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अल्मोड़ा: एक साल भी क्वारब समस्या का समाधान नहीं होना शर्म की बात

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👉 जनता की भारी फजीहत देखते हुए वरिष्ठ नागरिकों ने जताई गहरी चिंता

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: राष्ट्रीय राजमार्ग अल्मोड़ा-हल्द्वानी में क्वारब संकट के विकट होते चले जाने से यहां वरिष्ठ नागरिक बेहद खफा हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि विकास के बड़े-बड़े दावे हो रहे और इंजीनियरिंग में भारी-भरकम खर्चा हो रहा है, मगर इसके बावजूद एक साल बाद भी क्वारब समस्या का समाधान नहीं हो सका। जो व्यवस्था के लिए शर्म की बात है।

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दरअसल, यह बात वरिष्ठ नागरिकों की संस्था डे-केयर सेंटर की नगर निगम सभागार में हुई मासिक बैठक में कहीं गई। वरिष्ठ नागरिकों ने अपनी समस्याओं पर चर्चा के दौरान क्वारब समस्या पर चर्चा की। उन्होंने क्वारब में यातायात एक साल से प्रभावित चलने और खतरा होने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि क्वारब में मार्ग ठीक नहीं होने के कारण लोगों भारी परेशानी झेल रहे हैं और उन्हें अत्यधिक माल भाड़ा व किराये का बोझ उठाना पड़ रहा है। जन धन का नुकसान होने के साथ ही फजीहत हो रही है। एक साल बाद भी समस्या बनी रहना बड़े शर्म की बात है।

इसके अलावा शहर में बंदरों की समस्या, ड्रेनेज सिस्टम ठीक नहीं होने और पेयजल लाइनों के अव्यवस्थित होने की समस्याओं पर चिंता जताई। उन्होंने एक स्वर में इन समस्याओं का जनहित में अविलंब निराकरण करने की मांग उठाई। बैठक की अध्यक्षता हेमचंद्र जोशी व संचालन एमसी काण्डपाल ने किया। बैठक में आनंद सिहं बगड्वाल, पीएस सत्याल, लक्ष्मण सिंह‌ ऐठानी, चंद्रमणि भट्ट, डा‌. जेसी दुर्गापाल, सुनयना मेहरा, गजेन्द्र सिंह नेगी, तारा दत्त शाह, डा. गोकुल सिंह रावत, पुष्पा कैड़ा, नरेंद्र सिंह नेगी, बाला दत्त काण्डपाल, रमा भट्ट, किशोर चंद्र जोशी, शंकरदत्त भट्ट, विपिन चन्द्र जोशी समेत कई वरिष्ठ नागरिक शामिल रहे।

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