👉 जिले में शांतिपूर्ण संपन्न हुआ दूसरे चरण का मतदान, पोलिंग पार्टियों की वापसी
👉 शाम पांच बजे तक 55.99 प्रतिशत वोट पड़े, पलायन का असर भी दिखा
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: जनपद में 28 जुलाई 2025 यानी सोमवार को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में पांच ब्लाकों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। पांचों ब्लाकों में शाम पांच बजे तक औसतन 55.99 फीसदी वोट पड़े, हालांकि अभी फाइनल रिपोर्ट आना बांकी है। इसके साथ पांचों ब्लाकों के कुल 654 पदों के लिए चुनाव मैदान में उतरे 1838 प्रत्याशियों का चुनावी भाग्य मतपेटियों में बंद हो गया है। मतदान के लिए कुल 632 मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे।

पांच बजे तक पड़े मतदान के अनुसार सर्वाधिक मतदान हवालबाग ब्लाक में हुआ, जहां 69.39 प्रतिशत वोट पड़े। यहां कुल 62744 मतदाताओं में से 39772 ने मताधिकार का प्रयोग किया। सर्वाधिक कम मतदान हुआ, यहां शाम पांच बजे तक 48.01 प्रतिशत मत पड़े। सल्ट में कुल 65502 मतदाताओं में से 31449 ने वोट डाले। इनके अलावा द्वाराहाट ब्लाक में 60275 वोटरों में से 33845 वोटरों ने मतदान किया। द्वाराहाट में मतदान का प्रतिशत 56.15 रहा। स्याल्दे में 59.98 प्रतिशत और भिकियासैंण में 52.83 फीसदी वोट पड़े। स्याल्दे में 41339 में से 24797 मतदाताओं ने और भिकियासैंण में 36971 में से 19533 मतदाताओं ने मतदान किया। पांच ब्लाकों में कुल 266831 में से 149396 लोगों ने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान निबटने के बाद शाम ही मतदान पार्टियों की वापसी शुरू हो गई। जो देर रात तक जारी रही। कई पोलिंग पार्टियों ने ब्लाक मुख्यालय पर मतपेटियां जमा कीं।

मतदान को दूर से गांव पहुंचे लोग
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अल्मोड़ा: मतदान के लिए दूर शहरों में रोजगार कर रहे कई लोग अपने गांव की सरकार चुनने को गांव पहुंचे। उन्होंने अपने पसंदीदा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया। अल्मोड़ा शहर में रह रहे कई लोग वोट देने के लिए अपने गए। इस कारण शहर में बाजार में सुनसानी रही। ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों में सुनसानी पसरी रही। लोग मतदान केंद्रों के आसपास ही चुनाव की चर्चा करते दिखे।
गांवों में पलायन का असर दिखा
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अल्मोड़ा: कई मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं में मताधिकार को प्रयोग करने के लिए उत्सकुता दिखी और मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें दिखीं। इसके अलावा ऐसे मतदान केंद्र भी दिखे, जहां मध्यम गति से मतदान चला। कई गांवों में पलायन का असर मतदान पर दिखा। ज्यादा पलायन वाले गांवों में मतदान प्रतिशत गिरा रहा।

