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ALMORA SPECIAL: गजब जज्बा! तमाम जिम्मेदारियों का बोझ ढो रही—फिर भी घर घर का सहारा बनी पुलिस; डीजीपी की “मिशन हौसला” मुहिम बनी संकटमोचक; कठिन दौर में पुलिस ने घर—घर के दुखड़े को अपने सिर लेने का बीड़ा उठाया

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चन्दन नेगी, अल्मोड़ा

मौजूदा वक्त में कोरोना महामारी की जबर्दस्त लहर ने पूरे जनमानस को झकझोरा है। किसी की दिहाड़ी बंद हो गई, कोई बेसहारा सा है, कहीं रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया, कहीं जरूरी सामग्री की मुसीबत हो गई। तरह—तरह की समस्याओं से लोग संकट में हैं। ऐसे कठिन दौर में पुलिस को सलाम है, जो अपने तमाम महत्वपूर्ण दायित्वों के निर्वहन के साथ पारिवारिक सदस्य बनकर घर—घर का सहारा बनी है। प्रदेश के डीजीपी अशोक कुमार की मुहिम “मिशन हौसला” ने वास्तव में ‘मित्र पुलिस’ को साबित कर दिखाया है।

मदद में जुटी अल्मोड़ा पुलिस के सेवाभाव के रूप।

कोरोनाकाल में जहां सबसे बड़ी​ जिम्मेदारी तथा ज्यादा कार्यबोझ स्वास्थ्य महकमे के कंधे पर आया है। इसके साथ ही इस संकटकाल में पुलिस के कंधों पर भी तमाम जिम्मेदारियों का बोझ चढ़ गया हैं। मगर पुलिस को शाबासी इस बात की है कि वह अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन तो बखूबी कर ही रही है, साथ ही घर—घर के दुखड़े को अपना मानकर संकट में मददगार बन रही है। अब तक इस बात के असंख्य उदाहरण सामने आ चुके हैं। कहीं कोरोना मरीज की घर में मृत्यु हो रही तो दाह संस्कार को पुलिस पहुंच रही। कहीं घर में किसी की गंभीर हालत हो जाए तो पुलिस अस्पताल पहुंचा रही। किसी के घर में राशन नहीं तो पुलिस पहुंचा रही। असहाय लोगों की मदद का जिम्मा पुलिस ने मिशन हौसला के तहत लिया है। अपने कांधे में ढोकर कई घरों तक राशन किट पहुंचा चुकी है। किसी के घर दवा पहुंचा रही तो कहींं गैस सिलेंडर और आक्सीजन सिलेंडर आदि आदि उदाहरण इस बीच जगह—जगह मिल रहे हैं। पुलिस द्वारा नि:स्वार्थ भाव से की जा रही मदद के चंद उदाहरण ये हैं, जो संकटकाल में पुलिस की अनूठी मददगार भूमिका को समझने के लिए काफी हैं:—

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घर से गंभीर बीमार को पहुंचाया अस्पताल
अल्मोड़ा के तल्ला दन्या मोहल्ले में एक कोरोना पाजिटिव व्यक्ति की तबियत काफी बिगड़ गई, लेकिन कोरोना के भय से आसपड़ोस का कोई व्यक्ति उस पर हाथ लगाने को तैयार नहीं हुआ। डायल 112 से मिली इस बात की सूचना पर पुलिस की धारानौला चौकी प्रभारी अमरपाल सिंह तथा कांस्टेबल चरण सिंह व होमगार्ड दीपक गोस्वामी पीपीई किट पहनकर तत्काल मौके पर पहुंचे और उसे पैदल सड़क तक लाए, जहां से 108 वाहन से उसे बेस चिकित्सालय पहुंचाया।

आक्सीजन सिलेंडर घर पहुंचाकर बचाई जान
कोतवाली अल्मोड़ा में नियुक्त महिला आरक्षी गायत्री ने फोन कर बताया कि उनकी सास कोरोना पाजिटिव है तथा आक्सीजन लेवल गिर रहा है। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक कोतवाली अरूण कुमार तुरन्त टीम के साथ आक्सीजन सिलेंडर लेकर महिला आरक्षी के घर पहुंचे और आक्सीजन मिलते ही उसकी सास की जान बच गई।

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राशन लेकर घर पहुंची पुलिस
सूचना मिली कि अल्मोड़ा जिलांतर्गत लमगड़ा थानांतर्ग दो महिलाएं अकेले रहती हैं और देखरेख वाला कोई नहीं है। घर में राशन की दिक्कत है। फिर क्या था, लमगड़ा के थानाध्यक्ष सुनील बिष्ट टीम के साथ इन महिलाओं के घर राशन लेकर पहुंच गए। उनकी कुशलक्षेम पूछी और राशन सौंपा।

पर्व छोड़ सेवाभाव में जुटे रहे एसएसआई
कोतवाली रानीखेत में तैनात वरिष्ठ उप निरीक्षक फिरोज आलम ने आज ईद-उल-फितर का पर्व अपने परिजनों के साथ मनाने के बजाय कोरोनाकाल में अपने कार्य क्षेत्र में ड्यूटी पर मुस्तैद रहना उचित समझा। आज पर्व के दिन भी वह निःस्वार्थ भाव से रानीखेत एवं ताड़ीखेत क्षेत्र के ग्राम कोट, कोठार, पपनै कोठार, ताड़ीखेत, लालकुर्ती में अपनी टीम कांस्टेबल कमल गोस्वामी व रविन्द्र बचकोटी के साथ ऐसे परिवारों को चिन्हित करने में जुटे रहे, जो कोविड कर्फ्यू के दौरान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उन्होंने इन जरूरतमन्द परिवारों को राशन एवं आवश्यक सामग्री वितरित किया। उनका इन परिवारों को आभार व्यक्त किया।

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पुलिस परिवारों की फिक्र
पुलिस परिवारों की महिलाओं की संस्था UPWWA की प्रदेश अध्यक्ष अलकनन्दा अशोक तथा अल्मोड़ा जिलाध्यक्ष हेमा बिष्ट भी कोरोनाकाल में पुलिस परिवारों का पूरा ध्यान रखे हुई हैं। उनके निर्देशन में जनपद के नोडल अधिकारी एवं प्रतिसार निरीक्षक जीतेन्द्र पाठक द्वारा स्वयं व अपनी टीम के जरिये पुलिस परिवारों के संक्रमित पुलिस कर्मियों की प्रतिदिन कुशलक्षेम ले रहे हैं। साथ ही उनकी जरूरत के अनुसार दवा, भोजन, दूध व अन्य आवश्यक खाद्य सामाग्री, सेनेटाइजर आदि आवश्यक सामग्री उनके घर तक पहुंचाई जा रही है।

बागेश्वर: पुलिस ने बुजुर्ग दंपति के घर पहुंचाया रसोई गैस सिलेंडर
जिले के बैजनाथ थाना पुलिस ने एक फोन काल पर एक बुजुर्ग दंपति के घर रसोई गैस सिलेंडर पहुंचा दिया। लोगों ने पुलिस की मदद की चारों तरफ सराहना की है। कंधार निवासी गोविंद राम ने बैजनाथ के प्रभारी थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह रावत को फोन पर बताया कि घर में उनके व उनकी पत्नी के अलावा कोई नहीं है। दोनों वृद्ध हैं। खाना बनाने के लिए गैस सिलेंडर खत्म हो गया है।प्रभारी थानाध्यक्ष ने तत्काल पीआरडी जवान दयाल पुरी के साथ गैस सिलेंडर उनके घर कंधार पहुंचाया। सिलेंडर मिलने पर बुजुर्ग दंपति ने पुलिस व प्रभारी थानाध्यक्ष का आभार व्यक्त किया है।

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अल्मोड़ा: पुलिस दफ्तर व परिसर सेनेटाइज
एसएसपी पंकज भट्ट के निर्देश पर पुलिस कर्मियों के कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए पुलिस के कार्यालयों व परिसरों में दवाइयों का छिड़काव कर सैनेटाइज करने का कार्य जारी है। उनके निर्देश पर प्रतिसार निरीक्षक जीतेन्द्र पाठक द्वारा पुलिस लाईन, मैस, बैरक, कैन्टीन स्टोर व समस्त कार्यालयों में सैनेटाईजर का छिड़काव करवाया गया।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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