HomeUttarakhandAlmoraअल्मोड़ा: डीएम आलोक पहुंचे काकड़ीघाट, कर्कटेश्वर मंदिर में टेका मत्था

अल्मोड़ा: डीएम आलोक पहुंचे काकड़ीघाट, कर्कटेश्वर मंदिर में टेका मत्था

✍️ स्वामी विवेकानंद के ध्यान केंद्र स्थल का निरीक्षण कर जानकारी ली
✍️ आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ाने के लिए कार्य करने के दिए निर्देश
✍️ चौपाल लगाकर क्षेत्रवासियों के दुखड़े सुने, कार्यवाही का भरोसा

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सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय आज काकड़ीघाट पहुंचे। जहां उन्होंने कर्कटेश्वर महादेव मंदिर में मत्था टेका तथा स्वामी विवेकानंद के ध्यान केंद्र स्थल का भ्रमण किया। उन्होंने काकड़ीघाट में आध्यात्मिक पर्यटन की संभावनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने चौपाल लगाकर क्षेत्र के लोगों की समस्याएं सुनीं और कहा कि इन समस्याओं पर संज्ञान लिया जाएगा।

काकड़ीघाट में स्वामी विवेकानंद के ध्यान स्थल के निरीक्षण के दौरान डीएम ने ज्ञानवृक्ष एवं स्वामी विवेकानंद से जुड़ी चीजों के बारे में विभिन्न जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि यह स्थल अध्यात्म की विशिष्टता को समेटे हुए है। यहां दूर—दूर से स्वामी विवेकानंद के अनुयायियों का आवागमन होता रहता है। इसलिए यहां पर पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, इसलिए इस क्षेत्र को आध्यात्मिक पर्यटन के रुप में विकसित करने की जरूरत है। इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों से चर्चा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस स्थल की सुंदरता के लिए नदी के बहाव के अनुरूप यहां सुविधाओं एवं ब्यूटीफिकेशन के कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि निकट ही नौगांववासियों की जमीनें हैं। इसलिए भू मालिकों के साथ बैठकर वार्ता की जाए तथा उन्हें पर्यटन की अनेक गतिविधियों से जोड़ा जाए। यहां होम स्टे की भी बहुत संभावनाएं हैं। इसलिए यहां लोगों को होम स्टे योजना से जोड़ा जाए और होम स्टे पहाड़ी शैली में ही बनाए जाएं।

इस दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय लोगों के साथ चौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनीं। स्थानीय लोगों ने उन्हें क्षेत्र की सड़क, पानी, जंगली जानवर, सिंचाई जैसे विभिन्न मुद्दों व समस्याओं से अवगत कराया और इस संबंध में शिकायती पत्र भी सौंपे। इस पर डीएम ने कहा कि उनकी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा, बल्कि सकारात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने मुख्य कृषि अधिकारी को निर्देश दिए कि जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा के लिए बड़े क्षेत्र को जोड़कर घेरबाड़/तारबाड़ बनाई जाए। जिसमें मनरेगा एवं अन्य योजनाओं से कन्वर्जेशन कर कार्य किए जाएं। जल जीवन मिशन के कार्यों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद भर में जल जीवन मिशन के कार्यों की जांच कराई जा रही है। जांच में जिसकी भी गलती सामने आएगी, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इसके पश्चात जिलाधिकारी ने गड़स्यारी गांव में उद्यान विभाग के माध्यम से लगाए गए किशन सिंह के आडू के बगीचे में पहुंचे और निरीक्षण किया। मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ नरेंद्र कुमार से बगीचे के बारे में विभिन्न जानकारियां प्राप्त की। मुख्य उद्यान अधिकारी ने बताया कि किशन सिंह को उद्यान विभाग के माध्यम से पौधे, ड्रिप इरीगेशन की सुविधा प्रदान की गई। साथ ही कृषि विभाग एवं मनरेगा के माध्यम से पानी के दो टैंक दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि बागवानी में अन्य किसानों को भी जोड़ा जाए तथा फलों के उत्पादन को बढ़ाया जाए। इस भ्रमण में डीएम के साथ संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत राहुल आनंद, मुख्य कृषि अधिकारी विनोद शर्मा, तहसीलदार हेमंत मेहरा, खंड विकास अधिकारी ताड़ीखेत तारा चंद्र समेत अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं लोग उपस्थित रहे।

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