अल्मोड़ा : गर्भवती की मौत का मामला गर्माया, सर्वदलीय धरना—प्रदर्शन, जबर्दस्त गुस्से का इजहार
अल्मोड़ा, 24 अगस्त। पिछले दिनों यहां उपचार के लिए अस्पताल—अस्पताल भटकती गर्भवती महिला की मौत का मामला सोमवार को खूब गर्माया। विभिन्न जन संगठनों एवं राजनैतिक संगठनों के लोगों ने एकजुट होकर चौघानपाटा में धरना—प्रदर्शन कर जबर्दस्त गुस्से का इजहार किया। उन्होंने शासन—प्रशासन और अस्पतालों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इनके खिलाफ जबर्दस्त नारेबाजी की और कठोर कार्रवाई की मांग की।
दोपहर विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग निर्धारित कार्यक्रमानुसार यहां चौघानपाटा में पहुंचे और सड़क किनारे धरने पर बैठ गए। इस दौरान शासन—प्रशासन और अस्पतालों की पंगु व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान सभा में वक्ताओं का कहना था कि कटारमल निवासी 24 वर्षीया आशा देवी पत्नी मुन्ना सिंह की मौत अस्पतालों की घोर लापरवाही से हुई। उन्होंने कहा कि आए दिन अस्पतालों के ऐसे ही रवैये से मरीजों को सामना करना पड़ रहा है और परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। आंदोलनकारियों ने जांच कमेटी के माध्यम से मामले का पूरा खुलासा करके दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की। साथ ही पीड़ित परिवार को 10 लाख रूपये का मुआवजा देने की भी मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के अंदर पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला और उक्त मांगें पूरी नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। मौके पर पुलिस भी पहुंची। बाद में नायब तहसीलदार मनीषा मारकाना मौके पर पहुंची। उन्होंने आंदोलनकारियों को सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। आंदोलनकारियों ने जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को संबोधित अलग—अलग ज्ञापन भी उन्हें सौंपे। सभा की अध्यक्षता छात्रसंघ के पूर्व कोषाध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता मनोज बिष्ट व पर्व दर्जा राज्यमंत्री एड. केवल सती ने संयुक्त रूप से की जबकि संचालन मनोज सनवाल ने किया। धरना—प्रदर्शन में जन अधिकार मंच के संयोजक त्रिलोचन जोशी, यूकेडी के दिनेश जोशी, भानु प्रकाश जोशी, बार के उपसचिव दीप चंद्र जोशी, छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष अमर बिष्ट, नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुशील साह, वरिष्ठ उप सचिव राहुल बिष्ट, अजीत सिंह कार्की आदि कई लोग शामिल थे।