सेना को ‘ठेके’ पर चलाने की सोच घातक : भोज
CNE REPORTER, अल्मोड़ा। कांग्रेस ने केंद्र सरकार की ‘अग्निवीर योजना’ के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे देश की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य के लिए घातक बताया है। कांग्रेस कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान वक्ताओं ने इस योजना को तत्काल वापस लेकर पुरानी स्थायी भर्ती प्रक्रिया को बहाल करने की मांग की।
सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कर्नल राम रत्न नेगी ने केंद्र सरकार की नीतियों की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि सेना जैसी अनुशासित और पेशेवर संस्था में युवाओं को मात्र 4 वर्षों के लिए रखना सुरक्षा के नजरिए से सही नहीं है। कर्नल नेगी ने कहा, “अस्थायी व्यवस्था से सेना की कार्यक्षमता और अनुभव की परंपरा कमजोर होती है। 4 साल बाद युवाओं को बेरोजगारी के अंधेरे में धकेलना उनके सपनों को तोड़ने जैसा है।”
पेंशन और सामाजिक सुरक्षा का अभाव
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि अग्निवीर योजना में न तो पेंशन की व्यवस्था है और न ही दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा। जो युवा अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण वर्ष देश सेवा में लगाएंगे, उनके पास 4 साल बाद कोई निश्चित भविष्य नहीं होगा।
‘सेना को ठेके पर चलाना’ दुर्भाग्यपूर्ण: भूपेंद्र सिंह भोज
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि सरकार को स्थायी भर्ती मजबूत करनी चाहिए थी, लेकिन इसके उलट सेना को ‘ठेके’ पर चलाने की सोच लागू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इससे सैनिक परिवारों में भारी असंतोष और चिंता का माहौल है।
कांग्रेस की मुख्य मांगें:
- अग्निवीर योजना को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
- सेना में पुरानी स्थायी भर्ती व्यवस्था को फिर से बहाल किया जाए।
- जवानों के लिए पेंशन और सम्मानजनक सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो।
इनकी रही उपस्थिति: इस अवसर पर नगर अध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, सुरेंद्र लाल टम्टा, महेंद्र सिंह मनराल, केशव दत्त पाण्डेय, दान सिंह, विनोद सिंह, चंद्र प्रकाश, राजू भट्ट, कमलेश्वर कुमार, आनंद सिंह मेहरा, लोकमान सिंह मेहरा, राधा बिष्ट, पीताम्बर पाण्डेय, प्रकाश जोशी, पूरन रौतेला समेत दर्जनों कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

