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हल्द्वानी न्यूज: बलिदानियों के बाद अब समय-दानियों व धन-दानियों की बारी – दिनेश

हल्द्वानी। अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर बनने वाले भव्य मंदिर के लिए देश भर के प्रत्येक राम भक्त का सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ता संतों व शेष समाज के लोगों के साथ घर-घर जाएंगे।
श्री राम जन्मभूमि मंदिर निधि समर्पण अभियान की जानकारी देते हुए विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय प्रबंध समिति के सदस्य तथा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के संरक्षक एवं मार्गदर्शक दिनेश ने कहा कि आगामी मकर संक्रांति 15 जनवरी से 5 फ़रवरी तक चलने वाले इस सघन अभियान में विहिप कार्यकर्ता उत्तराखंड के सभी गांव व नगरों तक संपर्क करेंगे। देश की हर जाति, मत, पंथ, संप्रदाय, क्षेत्र व भाषा के लोगों के सहयोग के साथ राम मंदिर वास्तव में एक राष्ट्र मंदिर का रूप लेगा। उन्होंने प्रत्येक राम भक्त से इस राम काज के लिए बढ़-चढ़ कर आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इसके लिए हमें सिर्फ निधि-दानी ही नहीं अपितु समय-दानी भी चाहिए।
आज एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम की जन्मभूमि को पुनः प्राप्त कर देश के सम्मान की रक्षा के लिए हिन्दू समाज ने पाँच सदियों तक संघर्ष किया। अंततः समाज की भावनाओं तथा मंदिर से जुड़ी इतिहास की सच्चाइयों को सर्वोच्च अदालत ने स्वीकार कर भारत सरकार को एक न्यास बनाने का निर्देश दिया। सरकार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के नाम से न्यास की घोषणा की। प्रधान मंत्री ने 5 अगस्त को अयोध्या में पूजन करके मंदिर के निर्माण की प्रक्रिया को गति प्रदान की।
दिनेश ने बताया कि मंदिर के निर्माण की तैयारी चल रही है। मुंबई, दिल्ली, चेन्नई तथा गुवाहाटी के आईआईटी, सीबीआरआई रुड़की, लार्सन एंड टूब्रो तथा टाटा के विशेषज्ञ इंजीनियर मंदिर की मजबूत नींव की ड्राइंग पर परामर्श कर रहे हैं। बहुत शीघ्र नींव का प्रारूप सामने आ जाएगा। संपूर्ण मंदिर पत्थरों का है। प्रत्येक मंज़िल की ऊँचाई 20 फ़ीट, लंबाई 360 फ़ीट तथा चौड़ाई 235 फ़ीट है।
दिनेश ने कहा कि देश की वर्तमान पीढ़ी को इस मंदिर के इतिहास की सच्चाइयों से अवगत कराने की योजना बनी है। देश की कम से कम आधी जनसंख्या को घर-घर जाकर श्रीराम जन्मभूमि की ऐतिहासिक सच्चाई से अवगत कराया जाएगा। कश्मीर से कन्याकुमारी तथा अटक से कटक तक देश का कोई कोना नहीं छोड़ेंगे। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, अंडमान, निकोबार तथा कच्छ के रण से पर्वतीय क्षेत्रों तक सम्पूर्ण भारत में विहिप कार्यकर्ता पहुँच कर राम मंदिर का साहित्य देंगे तथा उनका सहयोग लेंगे। लोगों की प्रबल इच्छा है कि भगवान की जन्मभूमि पर मंदिर शीघ्र बने।
उन्होंने कहा कि इस जन.संपर्क अभियान में लाखों कार्यकर्ता जुटेंगे तथा समाज स्वेच्छा से सहयोग करेगा क्योंकि काम भगवान का है व मन्दिर भी राम का है। भगवान के कार्य में धन बाधा नहीं हो सकता। आर्थिक विषय में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए न्यास ने 10, 100 तथा 1000 रुपए के कूपन व रसीदें छापी हैं। समाज जैसा देगा उसी के अनुरूप कार्यकर्ता कूपन या रसीद देंगे। करोड़ों घरों में भगवान के मंदिर का चित्र भी पहुंचाएंगे।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण निधि समर्पण समिति उत्तराखंड के अभियान प्रमुख रनदीप पोखरिया ने बताया कि समिति के सदस्य उत्तराखंड के 14 हजार 526 गांवों व 73 नगरों के 24 लाख परिवारों से सम्पर्क कर श्री राम जन्म भूमि से सीधे जोड़कर रामत्व का प्रसार करेंगे। प्रेस वार्ता में विहिप प्रान्त मंत्री डॉ विपिन पांडेय, प्रान्त उपाध्यक्ष दीवान सिंह फर्त्याल, जिलाध्यक्ष समरपाल आदि मौजूद रहे।

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