हल्द्वानी। दस्तावेजों के लेखन में अनियमितता को लेकर अपर जिलाधिकारी (ADM) शैलेंद्र सिंह नेगी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने निबंधन कार्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान एक गंभीर गड़बड़ी पकड़ी, जिसके बाद उन्होंने संबंधित दस्तावेज लेखक के साथ-साथ उप निबंधक और वरिष्ठ क्लर्क से भी स्पष्टीकरण मांगा है और जांच के आदेश दिए हैं।
क्या है मामला?
जांच में सामने आया कि दस्तावेज लेखक (अनुज्ञप्ति संख्या 16/2022) के लाइसेंस की वैधता 31 मार्च 2025 को समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद, इस लेखक ने वैधता खत्म होने के बाद भी उप निबंधक प्रथम और द्वितीय, हल्द्वानी के कार्यालयों में लगभग 44 विलेखों (दस्तावेजों) का प्रस्तुतीकरण किया।
ADM ने दिए जांच के आदेश
इस अनियमितता पर ADM शैलेंद्र सिंह नेगी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कहा कि लाइसेंस समाप्त होने के बावजूद दस्तावेजों का प्रस्तुतीकरण किस नियम के तहत किया गया, इस पर तत्काल स्पष्टीकरण दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ADM ने उप निबंधक हल्द्वानी भावना कश्यप, प्रकाश सिंह बिष्ट और वरिष्ठ रजिस्ट्रेशन क्लर्क दिनेश सिंह चौहान को भी इस मामले में तीन दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई से निबंधन विभाग में हड़कंप मच गया है और यह उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर लगाम लगेगी।

