Almora Breaking: लैंगिक अपराध के आरोपी और गांजा तस्कर को नहीं मिली जमानत

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
विशेष सत्र न्यायाधीश मलिक मजहर सुल्तान की अदालत ने आज दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। इनमें से एक मामला गांजा तस्करी, तो दूसरा लैंगिक अपराध से संबंधित है।
गांजा तस्करी के एक मामले में आरोपी संतोष कुमार पुत्र दयानंद शर्मा निवासी अनीसानगली, महमूदपुर, स्योहाररा, जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश) ने आज जमानत के लिए अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में अर्जी लगाई। संतोष को 22 अगस्त 2021 को पुलिस ने पुलिस सहायता केंद्र मोहान पर चेकिंग के दौरान 55 किलो 440 ग्राम गांजे के साथ पकड़ा था और एनडीपीएस एक्ट के तहत भतरोंजखान थाने में मुकदमा पंजीकृत कर उसे जेल भेजा।
आज उसकी जमानत का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी पूरन सिंह कैड़ा ने न्यायालय को बताया कि यदि आरोपी को जमानत पर रिहा किया जाता है, तो वह जमानत का दुरुपयोग कर सकता है। न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनी और दस्तावेजी साक्ष्यों व पत्रवाली का परिशीलन करते हुए जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की। जिसमें जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
दूसरा मामला लैंगिक अपराध का है। जिसमें आरोपी विनोद लमकोटी पुत्र हरीश सिंह लमकोटी निवासी अमस्यारी, गोदी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। उसके खिलाफ धारा—376 ताहि व धारा 5/6 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला चल रहा है।
उसकी जमानत का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी पूरन सिंह कैड़ा ने न्यायालय को बताया कि यदि आरोपी को जमानत दी जाती है, तो वह अभियोजन के गवाहों से छेड़छाड़ कर सकता है। अदालत ने बहस सुनने और पत्रावली का परिशीलन करते हुए उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।