👉 अल्मोड़ा में नशे के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी, फिर भी हालात चिंतनीय
👉 वर्ष 2025 में 95 नशा तस्कर सलाखों के पीछे, सवा तीन करोड़ के मादक पदार्थ बरामद
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: पहाड़ में नशा तस्करी व नशाखोरी बढ़ते जाना बेहद चिंतनीय बनी है। नशे की मौजूदा स्थिति भावी पीढ़ी के भविष्य पर सवालिया निशान लगा रही है। भले ही पुलिस लगातार नशा तस्करी व नशाखोरी को रोकने के प्रयास में जुटी है, मगर इस सबके बावजूद भी स्थिति चिंताजनक ही है। इस बात का अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है कि बीते वर्ष 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत अकेले अल्मोड़ा जिले में 95 नशा तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा चुका है। इनके कब्जे से करीब सवा तीन करोड़ रुपये की स्मैक, चरस, गांजा व अफीम बरामद हो चुकी है।
यह आंकड़े पुलिस महकमे के हैं। जिले में एसएसपी देवेन्द्र पींचा के कुशल नेतृत्व में अल्मोड़ा पुलिस ने नशे के विरुद्ध जीरो टॉलरेन्स नीति अपनाते हुए ताबड़तोड़ कार्यवाही की है। इन्हीं कार्यवाहियों के तहत वर्ष 2025 में 3 करोड़ 26 लाख 48 हजार रुपये के मादक पदार्थ बरामद की जा चुकी है और 95 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। जिले में एनडीपीएस एक्ट में की गई कार्यवाही के तहत वर्ष में कुल 52 अभियोग पंजीकृत हुए। इनमें 14.757 किलोग्राम चरस, 248.53 ग्राम स्मैक, 881.306 किलोग्राम गांजा व 1.14 किलोग्राम अफीम बरामद हुई है। ये आंकड़े एक बड़ी चिंता की ओर इशारा करते हैं। ऐसे में पुलिस के नशे के खिलाफ चल रहे अभियान से जुड़कर नशा तस्करी व नशाखोरी रोकने के लिए सहयोग के लिए प्रत्येक नागरिक का आगे आना जरूरी है, ताकि भावी पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित व उज्जवल बनाया जा सके।

