सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर
साक्षर भारत कार्यक्रम के प्रेरकों ने कैंपा के तहत वन प्रहरी या सरकारी विभागों में समायोजित करने की मांग तेज कर दी है। उन्होंने कहा कि 2009-10 में साक्षर भारत कार्यक्रम को सफल बनाने उनका अहम रोल रहा। लेकिन वर्तमान में वह बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं।
बुधवार को उत्तराखंड प्रेरक संगठन क्षेत्रीय विधायक चंदन राम दास के आवास पर पहुंचा। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उन्हें सौंपा। कहा कि साक्षर भारत कार्यक्रम के तहत बागेश्वर, चंपावत, उद्यमसिंहनगर, उत्तरकाशी, टिहरी, हरिद्वार जिले के प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक महिला और एक पुरुष को शिक्षा प्रेरक संविदा के आधार पर नियुक्त किया गया। सितंबर 2017 में उनकी सेवा समाप्त कर दी गई। जिसके कारण वह बेरोजगार हो गए और रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने कैंप योजना के तहत वन प्रहरी या सरकारी विभागों में समायोजि करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि उनके साथ अन्याय हुआ तो वह उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। इस दौरान धीरेंद्र करायत, निर्मला देवी, महेश मिश्रा, नदंन रौतेला, नंदी देवी, नवीन चंद्र, मीना नगरकोटी, गोविंद बल्लभ कांडपाल आदि मौजूद थे।
Bageshwar News: साक्षर भारत कार्यक्रम में अहम भूमिका निभाने वाले प्रेरकों मांग रहे नियुक्ति, सरकारी विभागों में समायोजित करने की गुहार
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