लखनऊ। कोविड 19 संक्रमण के खौफ़ के बीच लंबे लॉकडाउन के दौरान रोजगार के सभी रास्त खत्म हो जाने से 30 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिक अन्य राज्यों से उत्तर प्रदेश वापस लौट आये हैं। जहां आज मजदूर बेहद बुरे दौर से जूझ रहे हैं, वहीं इनके नाम पर राजनैतिक गलियारों में जबदस्त राजनीति चल रही है। शिव सेना के मुखपत्र सामना में छपे संपादकीय में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर न केवल तीखी टिप्पणियां की गई हैं, बल्कि उनकी तुलना हिटलर से कर दी गई है। जिस पर मुख्यमंत्री ने पलटवार किया है। योगी ने ट्वीट कर कहा है, ”एक भूखा बच्चा ही अपनी मां को ढूंढता है। अगर महाराष्ट्र सरकार ने ‘सौतेली मां’ बनकर भी सहारा दिया होता तो महाराष्ट्र को गढ़ने वाले हमारे उत्तर प्रदेश के निवासियों को वापस न आना पड़ता।” आपको याद दिला दें कि शिवसेना प्रवक्ता और सामना के संपादक संजय राउत ने एक लेख में कहा था कि उत्तर प्रदेश में मजदूरों को वापस नहीं घुसने दिया जा रहा। उनके साथ अमानवीय बर्ताव हो रहा है। राउत ने योगी को नसीहत भी दी थी कि उन्हें मन की आंखें खोलनी चाहिए। इसके बाद से ही उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र राज्यों के इन दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच प्रवासी मजदूरों को लेकर जुबानी जंग शुरू हो चुकी है।
प्रवासियों पर आर—पार : ”सौतेली मां बनकर ही सहारा दे देती महाराष्ट्र सरकार”, योगी का पलटवार….
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