HomeUttarakhandDehradunऋषिकेश : आपात उपचार के लिए वरदान बना एम्स का हैलीपैड

ऋषिकेश : आपात उपचार के लिए वरदान बना एम्स का हैलीपैड

ADVERTISEMENTSAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश का हैलीपैड ट्रामा एवं इमरजेंसी मरीजों की आपात चिकित्सा के के लिए वरदान साबित हो रहा है। बीते 5 महीने में एयर एम्बुलेंस के माध्यम से आपात उपचार के लिए 11 मरीजों को एम्स ऋषिकेश पहुंचाया जा चुका है। समय रहते अस्पताल पहुंचने से आपात स्थिति वाले इन मरीजों का वन बचाने में संस्थान द्वारा उपलब्ध कराई गई हैलीपैड की सुविधा मददगार सिद्ध हुई है।

विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले पहाड़ी राज्य में सबसे बड़ी समस्या आपदाओं व दुर्घटनाओं के दौरान गंभीर घायल होने वाले और अत्यधिक अस्वस्थ लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाने की रहती है, जिससे तत्काल चिकित्सा से उनका वन बचाया जा सके। ऐसे में एम्स ऋषिकेश का हैलीपैड हैली एम्बुलैंस के माध्यम से यहां पहुंचाए जाने वाले उत्तराखंड के मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहा है। गौरतलब है कि एम्स ऋषिकेश को एयर एम्बुलैंस की सुविधा से जोड़ने के उद्देश्य से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बीते वर्ष 11 अगस्त-2020 को एम्स के हैलीपैड का उद्घाटन किया था। उद्घाटन के बाद से ही पहाड़वासियों को इस सुविधा का लाभ मिलने लगा है। इस सुविधा के शुरू होने से एयर एम्बुलैंस के माध्यम से उत्तराखंड के सुदूरवर्ती इलाकों से समय-समय पर गंभीर किस्म के मरीजों और दुर्घटनाओं में घायल होने वाले मरीजों को एम्स ऋषिकेश पहुंचाया जा रहा है।

इस बाबत एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने कहा कि उत्तराखंड और देश के किसी भी कोने से एयर एम्बुलैंस द्वारा मरीज को आपात चिकित्सा के लिए एम्स ऋषिकेश लाया जा सकता है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में चिकित्सा सुविधा की दृष्टि से उन्होंने इसे राज्य के लिए विशेष लाभकारी बताया। निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने बताया कि प्रसव अवस्था, दुर्घटनाओं और आपदा के दौरान घायल लोगों के अलावा ब्रेन अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मरीजों का वन बचाने के लिए यह सुविधा संवनी से कम लाभकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि आपात स्थिति के दौरान एम्स ऋषिकेश के हैलीपैड में एक ही समय में 3 हैलीकॉप्टर लैंड कर सकते हैं।

संस्थान के हैली एविएशन इंचार्ज और ट्रामा विशेषज्ञ डॉ. मधुर उनियाल ने बताया कि एम्स में हैली एम्बुलैंस लैंडिंग की सुविधा शुरू होने से राज्य के दुर्गम क्षेत्रों से एम्स ऋषिकेश की दूरी कम हो गई है। उन्होंने बताया कि किसी भी आघात के दौरान वन बचाने के लिए मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाना बहुत जरूरी होता है। ऐसे में हवाई दूरी कम होने से अब पहाड़ के किसी भी कोने से मरीज को तत्काल एम्स लाया जा सकता है। डॉ. उनियाल ने बताया कि नेशनल हेल्थ मिशन द्वारा भी योजना में रूचि ली जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस पहाड़ी राज्य में आपदाओं के दौरान गंभीररूप से घायल होने वाले लोगों के तत्काल उपचार में इस सुविधा से विशेष लाभ होगा और अधिकाधिक लोगों का वन बचाया जा सकेगा।

2 अक्टूबर 2020 से 20 फरवरी 2021 तक हैली एम्बुलैंस से एम्स पहुंचे मरीज

1- 2 अक्टूबर- पौड़ी से 55 वर्षीय ब्रेन स्ट्रोक का 1 रोगी
2- 15 अक्टूबर- पौड़ी से वाया देहरादून 44 वर्षीय पेन्क्रियाज का 1 रोगी
3- 9 दिसंबर- चमोली से कोविड पॉजिटिव 3 रोगी
4- 10 दिसंबर – कर्णप्रयाग से 1 कोविड मरीज
5- 4 जनवरी- सहस्त्रधारा, देहरादून से गले के टॉन्सिल से ग्रसित 5 वर्षीय बालक
6- 29 जनवरी- पौड़ी से 55 वर्षीय मुहं में सूजन का रोगी
7- 19 फरवरी- टिहरी से 28 साल की 1 गर्भवती महिला
8- 20 फरवरी- देवाल चमोली से सड़क दुर्घटना के 2 घायल मरीज

ADVERTISEMENTSAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments