







CNE REPORTER; ALMORA
यहां मल्ला महल के विवादास्पद निर्माण एवं संरक्षण कार्य को लेकर विभिन्न सामाजिक व राजनैतिक जनसंगठनों द्वारा गठित सांस्कृतिक-ऐतिहासिक धरोहर बचाओ संघर्ष समिति ने आगामी 7 जनवरी को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देने का निर्णय लिया है।
यह जानकारी उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि 500 वर्षों से कुमाऊं के चन्द राजाओं, गोरखाओं, अंग्रेजों व आजाद भारत की प्रशासनिक व्यवस्था तथा उत्तराखण्ड जन आन्दोलन का केन्द्र रहे मल्ला महल में गुपचुप तरीके से मनमाना निर्माण किया जा रहा है। इसमें न तो जनता को विश्वास में लिया और न ही जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिया गया। उन्होंने कहा कि करोड़ों रूपया खर्च किया जा रहा है और कार्य की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है।
इधर संघर्ष समिति की ओर से नगरपालिका अध्यक्ष प्रकाश चन्द्र जोशी ने इस आन्दोलन में शामिल तमाम जन संगठनों के लोगों से 7 जनवरी, 2021 को दोपहर 12 बजे से कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि इस मामले को लेकर 6 नवम्बर 2020 को तमाम संगठनों की ओर से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया था, किन्तु ज्ञापन पर सरकार ने कोई कार्यवाही नहीं की गई, जो जनता का अपमान है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए सांस्कृतिक, ऐतिहासिक धरोहर बचाओ संघर्ष समिति का गठन किया गया है। समिति अब तक हुए निर्माण कार्य की विशेषज्ञों से उच्च स्तरीय जांच कराने, गुपचुप तरीके से गठित ट्रस्ट का लेखा-जोखा सार्वजनिक करने, कथित निर्माण संरक्षण कार्य को स्वतन्त्र पुरातत्व व इतिहासविद्ों की देखरेख में कराने की मांग कर रही है।












