BREAKING NEWS | विधानसभा ड्यूटी पर निकले पुलिसकर्मी की दर्दनाक मौत

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विधानसभा ड्यूटी पर निकले पुलिसकर्मी की दर्दनाक मौत
विधानसभा ड्यूटी पर निकले पुलिसकर्मी की दर्दनाक मौत

तीन दिन से चल रही तलाश, खाई में मिला शव

CNE REPORTER, चमोली/कर्णप्रयाग। चमोली जनपद से एक दुखद खबर सामने आई है। विधानसभा सत्र में ड्यूटी निभाने के लिए घर से निकले चमोली पुलिस में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में कार्यरत वीरेंद्र सिंह की तलाश आखिरकार दर्दनाक खबर के साथ समाप्त हुई। तीन दिन से लापता चल रहे वीरेंद्र सिंह का शव कर्णप्रयाग से आगे नैनीसैंण सड़क पर गहरी खाई में बरामद किया गया है। घटनास्थल के समीप उनकी क्षतिग्रस्त स्कूटी भी मिली है। इस घटना से जहां परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं पुलिस महकमे में भी शोक का माहौल है।


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प्राप्त जानकारी के अनुसार, वीरेंद्र सिंह निवासी बनसोली/कपीरी गांव, विकासखंड कर्णप्रयाग, चमोली पुलिस में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे। उन्हें भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में आयोजित विधानसभा सत्र के दौरान ड्यूटी के लिए जाना था। इसी सिलसिले में वह 26 अक्टूबर को अपनी स्कूटी से कर्णप्रयाग से भराड़ीसैंण के लिए रवाना हुए थे।

परिजनों के मुताबिक, वीरेंद्र सिंह निर्धारित स्थान के लिए घर से निकले थे, लेकिन इसके बाद उनकी कोई सूचना नहीं मिल सकी। जब वह विधानसभा ड्यूटी स्थल पर नहीं पहुंचे और उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो पाया, तो उनकी अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया गया। इसके बाद पुलिस ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए गुमशुदगी दर्ज की और उनकी तलाश शुरू कर दी।

संपर्क नहीं हुआ तो तेज हुआ तलाश अभियान

वीरेंद्र सिंह के लापता होने की सूचना के बाद उनकी खोजबीन के लिए पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीमें जुट गईं। संभावित मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में तलाश की गई। उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद के बीच लगातार खोज अभियान चलाया जा रहा था।

लेकिन तलाशी अभियान के दौरान जो जानकारी सामने आई, उसने सभी को झकझोर कर रख दिया। कर्णप्रयाग से आगे नैनीसैंण सड़क पर एक खाई में वीरेंद्र सिंह का शव मिला। घटनास्थल के पास उनकी स्कूटी भी क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ी हुई थी। शव और स्कूटी की बरामदगी के बाद उनके लापता होने से जुड़ा मामला अब एक संदिग्ध सड़क दुर्घटना की दिशा में जांच का विषय बन गया है।

खाई से शव निकालने के लिए चलाया गया रेस्क्यू अभियान

शव खाई में मिलने की सूचना पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की। दुर्गम स्थान पर पड़े शव को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया गया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर नियमानुसार आगे की कार्रवाई शुरू की गई।

घटनास्थल पर क्षतिग्रस्त स्कूटी की मौजूदगी से यह आशंका जताई जा रही है कि वीरेंद्र सिंह की यात्रा के दौरान दुर्घटना हुई हो सकती है। हालांकि, दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, स्कूटी अनियंत्रित होकर खाई में कैसे गिरी और घटना के समय वास्तव में क्या हुआ था, इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल की परिस्थितियों, स्कूटी की स्थिति और अन्य आवश्यक साक्ष्यों के आधार पर घटना की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि आवश्यक कानूनी और चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

फिलहाल, विधानसभा ड्यूटी के लिए निकले एक कर्मचारी की इस तरह असमय मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस यात्रा का उद्देश्य अपने सरकारी दायित्व का निर्वहन करना था, उसका अंत खाई में शव मिलने की दुखद सूचना के साथ हुआ। परिजन जिस उम्मीद से वीरेंद्र सिंह की राह देख रहे थे, वह उम्मीद अब गहरे शोक में बदल गई है।

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