भूमि पर सड़क निर्माण को लेकर उठे सवाल; सीमांकन और स्थलीय निरीक्षण न होने का आरोप
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्य में पारदर्शिता की मांग
गोविंद सिंह अधिकारी ने जिलाधिकारी को दो बार सौंपा प्रार्थना पत्र
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। सरकारी योजनाओं के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़ना विकास की महत्वपूर्ण कड़ी है, लेकिन जब सड़क निर्माण के दौरान भूमि की नाप-जोख, अधिग्रहण और सीमांकन को लेकर विवाद सामने आएं, तो संबंधित विभागों की जिम्मेदारी और कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अल्मोड़ा जिले की ग्राम पंचायत माल, पटवारी क्षेत्र देवली, तहसील अल्मोड़ा में सड़क निर्माण से जुड़ा ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां के निवासी गोविंद सिंह अधिकारी ने अपनी भूमि से संबंधित विवाद को लेकर जिलाधिकारी अल्मोड़ा से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित बताई जा रही भूमि का मौके पर सही सीमांकन और नाप-जोख किए बिना निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे उनकी भूमि को नुकसान पहुंचने और विवाद गहराने की आशंका है।
क्या है पूरा मामला?
जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्रों के अनुसार, गोविंद सिंह अधिकारी पुत्र चन्दन सिंह अधिकारी ग्राम माल, पटवारी क्षेत्र देवली, तहसील एवं जिला अल्मोड़ा के निवासी हैं। उनके अनुसार, ग्राम माल में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इस निर्माण से संबंधित भूमि खसरा नंबर 5021, 5022 और 5023 को लेकर उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि प्रारंभिक चरण में सड़क निर्माण के लिए संबंधित भूमि पर कटान किया गया था। इसके बाद सड़क के दूसरे चरण में कोडिंग/सोलिंग का कार्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के विकासखंड हवालबाग, अल्मोड़ा के अंतर्गत किया जा रहा है। इसी दौरान भूमि की वास्तविक स्थिति, अधिग्रहण की सीमा और निर्माण कार्य को लेकर विवाद उत्पन्न होने की बात सामने आई है।
गोविंद सिंह अधिकारी ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि खसरा नंबर 5021 की भूमि को लेकर विवाद के बीच एक व्यक्ति द्वारा दीवार बनाए जाने तथा अन्य भूमि पर भी कटान एवं सोलिंग किए जाने से स्थिति जटिल हो गई है। उनका कहना है कि यदि संबंधित भूमि का सही सीमांकन नहीं किया गया, तो उनकी भूमि प्रभावित हो सकती है और भविष्य में गंभीर विवाद खड़ा हो सकता है।
भूमि के रकबे और अधिग्रहण की स्थिति स्पष्ट करने की मांग
शिकायतकर्ता ने अपने 22 अक्टूबर 2026 के प्रार्थना पत्र में खसरा नंबर 5021, 5022 और 5023 का विवरण देते हुए संबंधित भूमि की पैमाइश और अधिग्रहण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
पत्र में खसरा नंबर 5021 का रकबा 0.011 हेक्टेयर, खसरा नंबर 5022 का रकबा 0.0070 हेक्टेयर तथा खसरा नंबर 5023 का रकबा 0.0050 हेक्टेयर बताया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई भूमि का वास्तविक रकबा और उसकी सीमाएं राजस्व अभिलेखों तथा मौके की स्थिति के अनुरूप स्पष्ट की जानी चाहिए।
उनकी प्रमुख आपत्ति यह है कि जब भूमि का सीमांकन और अधिग्रहण की स्थिति विवादित है, तो निर्माण कार्य से पहले संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाना आवश्यक है। इससे न केवल भूमि संबंधी विवाद का समाधान हो सकता है, बल्कि सरकारी निर्माण कार्य में भी अनावश्यक बाधा और भविष्य के कानूनी विवादों से बचा जा सकता है।
दो बार शिकायत, फिर भी कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल
गोविंद सिंह अधिकारी ने इस मामले में 8 सितंबर 2026 को भी जिलाधिकारी अल्मोड़ा को प्रार्थना पत्र दिया था। इस पत्र की प्रतिलिपि उपजिलाधिकारी अल्मोड़ा और तहसीलदार अल्मोड़ा को भी भेजी गई थी। इसके बाद 22 अक्टूबर 2026 को उन्होंने पुनः जिलाधिकारी को विस्तृत शिकायत सौंपते हुए मामले में कार्रवाई की मांग दोहराई।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या रखी, लेकिन उनके अनुसार अब तक विवादित भूमि का अपेक्षित स्थलीय निरीक्षण, सीमांकन और नाप-जोख नहीं की गई है।
उन्होंने यह भी आशंका जताई है कि यदि समय रहते मामले का समाधान नहीं किया गया, तो सड़क निर्माण के दौरान उनकी भूमि को नुकसान पहुंच सकता है। साथ ही, निर्माण कार्य में विवाद बढ़ने की स्थिति में सरकारी धन, श्रम और समय भी प्रभावित हो सकते हैं।
विकास कार्य के साथ भूमि स्वामियों के अधिकारों की रक्षा भी जरूरी
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण लोगों को आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए ऐसे विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना आवश्यक है। हालांकि, विकास कार्यों के दौरान भूमि स्वामियों के अधिकारों, राजस्व अभिलेखों और निर्धारित अधिग्रहण सीमा का पालन भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
माल गांव का यह मामला इसी संतुलन की आवश्यकता की ओर ध्यान आकर्षित करता है। यदि शिकायतकर्ता की आपत्तियों में तथ्य हैं, तो समय रहते राजस्व विभाग और संबंधित निर्माण एजेंसी द्वारा संयुक्त निरीक्षण कर स्थिति स्पष्ट करना उचित होगा। इससे यह निर्धारित किया जा सकेगा कि सड़क निर्माण के लिए कितनी भूमि अधिग्रहित की गई है, मौके पर निर्माण उसी सीमा के भीतर हो रहा है या नहीं और किसी व्यक्ति की निजी भूमि अनावश्यक रूप से तो प्रभावित नहीं हो रही है।
साथ ही, यदि अभिलेखों और मौके की स्थिति में कोई अंतर पाया जाता है, तो नियमानुसार आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई किया जाना भी जरूरी होगा।
जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच और मौके पर पैमाइश की मांग
अपने नवीनतम प्रार्थना पत्र में गोविंद सिंह अधिकारी ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि संबंधित राजस्व अधिकारियों, प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े अधिकारियों को निर्देशित कर विवादित भूमि का मौके पर निरीक्षण कराया जाए। उन्होंने खसरा नंबर 5021, 5022 और 5023 की राजस्व अभिलेखों के अनुसार पैमाइश, अधिग्रहित भूमि की सीमा का सत्यापन तथा मौके की वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता चाहते हैं कि अधिग्रहण के अभिलेखों के अनुरूप स्पष्ट किया जाए कि सड़क कहां तक बनाई जानी है और संबंधित भूमि की वास्तविक सीमा क्या है। उनका कहना है कि समय रहते निष्पक्ष जांच होने से विवाद की स्थिति को बढ़ने से रोका जा सकता है और उनकी भूमि को संभावित नुकसान से बचाया जा सकता है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि जिलाधिकारी अल्मोड़ा इस शिकायत का संज्ञान लेकर संबंधित विभागों से क्या कार्रवाई कराते हैं और विवादित भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए कब तक स्थलीय निरीक्षण एवं सीमांकन कराया जाता है। जनहित में आवश्यक है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, शिकायतकर्ता को नियमानुसार न्याय मिले और सड़क निर्माण का कार्य भी राजस्व अभिलेखों एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप संपन्न कराया जाए।
Amelia Earhart Mystery: 9 लाख डॉलर खर्च, पांच दिन का समुद्री सफर और अंत में निकला पेड़ों का ढेर!
उपग्रह तस्वीरों में दिखा था विमान जैसा रहस्यमयी सुराग। जांच में क्या निकला? जानिए दुनिया की सबसे चर्चित विमानन गुत्थियों में से एक की पूरी कहानी।
पूरी खबर पढ़ें








