भारी से अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी
सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून, उत्तराखण्ड द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के बाद नैनीताल जिले में प्रशासन ने भारी बारिश को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि 26 सितम्बर को जनपद के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी तथा कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 27 सितम्बर को कुछ स्थानों पर गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, झोंकेदार हवाएं चलने तथा अति तीव्र से अत्यंत तीव्र वर्षा होने की संभावना के दृष्टिगत ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
जिलाधिकारी ने मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए आमजन से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग नदियों, नालों, गधेरों एवं जलधाराओं के आसपास जाने से पूरी तरह बचें। अत्यधिक आवश्यक होने पर ही यात्रा करें तथा यात्रा से पहले मौसम की स्थिति और प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी
जिलाधिकारी ने बलियानाला, आलूखेत और किशनपुर जैसे अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लगातार जागरूक किया जाए और उन्हें नदी-नालों तथा गधेरों की ओर नहीं जाने की स्पष्ट हिदायत दी जाए।
उन्होंने कहा कि भारी बारिश के दौरान जलधाराओं का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है तथा पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बारिश के दौरान ट्रेकिंग पर रोक के निर्देश
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रेकिंग पर जाने वाले लोगों को बरसात की अवधि में ट्रेकिंग की अनुमति न दी जाए। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के दौरान ट्रेकिंग करने से दुर्घटना और जनहानि की आशंका बढ़ सकती है। इसलिए संभावित खतरे को न्यूनतम रखने के लिए आवश्यक नियंत्रणात्मक कदम उठाए जाएं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक स्तर पर तत्परता एवं सुरक्षा बनाए रखते हुए आवागमन पर आवश्यक नियंत्रण रखा जाए। असामान्य मौसम की स्थिति में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों के आवागमन को भी अनुमति न देने के निर्देश दिए गए हैं।
आपदा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई
जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी आपदा अथवा दुर्घटना की स्थिति में संबंधित अधिकारी तत्काल स्थलीय कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही संबंधित तहसील आपदा नियंत्रण कक्ष तथा जनपद आपातकालीन परिचालन केन्द्र (DEOC) के बीच क्षति एवं राहत संबंधी सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन-IRS प्रणाली के अंतर्गत नामित सभी जनपद एवं तहसील स्तरीय विभागीय नोडल अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी हाई अलर्ट पर रहें।
सड़कें बाधित होने पर तत्काल खुलवाने के निर्देश
भारी बारिश के कारण यदि राष्ट्रीय राजमार्ग (NH), लोक निर्माण विभाग (PWD), PMGSY, ADB अथवा अन्य किसी मोटर मार्ग पर आवागमन बाधित होता है तो संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई करते हुए मार्ग को खोलना सुनिश्चित करेंगे।
विशेष रूप से भूस्खलन संभावित मार्गों पर पहले से ही आवश्यक मशीनरी एवं उपकरणों की समुचित व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मार्ग लंबे समय तक बंद न रहें और यातायात को शीघ्र बहाल किया जा सके।
राजस्व एवं ग्राम स्तरीय कर्मचारी अपने क्षेत्रों में रहेंगे तैनात
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी एवं ग्राम पंचायत अधिकारी अपने-अपने तैनाती क्षेत्रों में मौजूद रहेंगे और स्थानीय परिस्थितियों पर नजर बनाए रखेंगे।
इसके साथ ही सभी पुलिस चौकियों एवं थानों को भी आपदा संबंधी उपकरणों और वायरलेस सेट आदि के साथ हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का मोबाइल फोन बंद नहीं रहेगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल संपर्क स्थापित किया जा सके।
अधिकारियों को आवश्यक उपकरण साथ रखने के निर्देश
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने वाहनों में आवश्यक सुरक्षा एवं राहत सामग्री उपलब्ध रखें। इसमें बरसाती, छाता, टॉर्च, हेलमेट तथा अन्य जरूरी उपकरण एवं सामग्री शामिल हैं।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यदि कहीं लोग बारिश या आपदा के कारण फंस जाते हैं तो उनके लिए तत्काल खाद्य सामग्री एवं मेडिकल सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
नालियों और कलवर्टों की सफाई के निर्देश
नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए नालियों एवं कलवर्टों में मौजूद अवरोधों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति को कम करना और पानी की निकासी को सुचारु बनाए रखना है।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि वे मौसम की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए अपने-अपने स्तर पर सभी आवश्यक तैयारियां पहले से पूर्ण कर लें।
आपदा की सूचना इन नंबरों पर दें
जिलाधिकारी ने आमजन एवं सभी संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की आपदा, दुर्घटना, भूस्खलन, मार्ग अवरोध या अन्य आपदा संबंधी सूचना तत्काल संबंधित नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराएं।
जनपद आपातकालीन परिचालन केन्द्र (DEOC)/जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कक्ष:
- 05942-231178
- 05942-231179
- 05942-231181
- टोल फ्री: 1077
- मोबाइल: 8272080884
राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष (SEOC):
- 0135-2710335
- 0135-2710334
- टोल फ्री: 1070
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, नदी-नालों एवं गधेरों से दूरी बनाए रखें तथा प्रशासन एवं मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों एवं दिशा-निर्देशों का पालन करें।


