13 प्रत्याशियों ने भरे नामांकन, अध्यक्ष पद पर जितेश नेगी और विनीत सिंह कुवारबी आमने-सामने
सीएनई संवाददाता, रानीखेत। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रानीखेत में छात्र संघ निर्वाचन 2026-27 को लेकर चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। छात्र संघ के विभिन्न पदों के लिए गुरुवार को नामांकन प्रक्रिया संपन्न हुई। नामांकन को लेकर महाविद्यालय परिसर में दिनभर छात्र-छात्राओं के बीच उत्साह और चुनावी सरगर्मी का माहौल बना रहा। विभिन्न पदों के लिए कुल 13 नामांकन पत्र दाखिल किए गए।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान अध्यक्ष पद के लिए जितेश नेगी और विनीत सिंह कुवारबी ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत की। अध्यक्ष पद पर दो प्रत्याशियों के मैदान में उतरने से चुनाव को लेकर छात्र-छात्राओं में विशेष उत्सुकता देखी जा रही है।
वहीं उपाध्यक्ष छात्र पद के लिए कार्तिकेय सती ने नामांकन किया। उपाध्यक्ष छात्रा पद के लिए अनीषा बिष्ट और रश्मि कांडपाल ने नामांकन पत्र दाखिल कर चुनावी मैदान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सचिव पद के लिए हर्षिता फर्त्याल ने नामांकन किया है।
इसी क्रम में कोषाध्यक्ष पद के लिए बबली आर्या और रंजना नगरकोटी ने नामांकन किया। संयुक्त सचिव पद के लिए अंजलि ने नामांकन पत्र प्रस्तुत किया है। विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद के लिए भूमिका आर्या और ललिता चौधरी ने अपनी दावेदारी पेश की।
इसके अलावा सांस्कृतिक सचिव पद के लिए नम्रता पाण्डेय तथा संकाय प्रतिनिधि (वाणिज्य) पद के लिए नेहा ने नामांकन किया है। इस प्रकार छात्र संघ के विभिन्न पदों के लिए कुल 13 नामांकन प्राप्त हुए हैं।
25 सितंबर को जारी होगी वैध प्रत्याशियों की सूची
महाविद्यालय प्रशासन ने निर्वाचन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। नामांकन पत्रों की जांच तथा नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 25 सितंबर 2026 को वैध प्रत्याशियों की सूची जारी की जाएगी।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर पुष्पेश पांडे ने बताया कि छात्र संघ निर्वाचन निर्धारित नियमों और विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया 29 सितंबर 2026 को संपन्न होगी।
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही अब महाविद्यालय परिसर में चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। विभिन्न पदों पर प्रत्याशियों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होने के बाद छात्र संघ चुनाव को लेकर प्रचार-प्रसार और छात्र-छात्राओं से संपर्क का दौर भी जोर पकड़ने की उम्मीद है।









