डोला शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम
स्कूली बच्चों के लोकनृत्य और महिलाओं की झोड़ा-चाचरी ने बांधा समां
सीएनई रिपोर्टर, रानीखेत। रानीखेत में आयोजित मां नंदा-सुनंदा महोत्सव के समापन अवसर पर बुधवार को नगर का वातावरण भक्ति, आस्था और लोक संस्कृति के रंग में सराबोर नजर आया। मां आराध्य देवी नंदा-सुनंदा की विदाई के अवसर पर निकली भव्य डोला शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। पारंपरिक लोक वाद्य, छोलिया नृत्य और जयकारों के बीच निकली शोभायात्रा ने पूरे नगर को भक्तिमय बना दिया। विदाई के क्षणों में श्रद्धालुओं की आंखें नम नजर आईं और वातावरण मां नंदा-सुनंदा के जयकारों से गूंजता रहा।
बुधवार सुबह नंदा देवी परिसर में मां नंदा-सुनंदा की पूजा-अर्चना के साथ विदाई कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। समिति के प्रमुख सदस्यों, यजमानों एवं पंडित विपिन पंत ने विधि-विधान के साथ पूजा संपन्न कराई। इसके बाद मां नंदा-सुनंदा का डोला नगर भ्रमण के लिए निकाला गया।
डोला शोभायात्रा जरूरी बाजार से होते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। छोलिया कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों और बड़ी संख्या में शामिल युवा श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा में विशेष आकर्षण जोड़ा। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने मां नंदा-सुनंदा के जयकारे लगाए और पुष्पवर्षा कर अपनी श्रद्धा अर्पित की।
शोभायात्रा गांधी चौक पहुंची, जहां विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में कुमाऊं की लोक संस्कृति की आकर्षक झलक प्रस्तुत की। बच्चों के लोकनृत्य ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं महिलाओं के समूहों ने पारंपरिक झोड़ा-चाचरी प्रस्तुत कर वातावरण में लोक संस्कृति की मिठास घोल दी। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को देखने के लिए गांधी चौक सहित आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग जुटे रहे।
शोभायात्रा के दौरान समिति अध्यक्ष हरीश लाल साह के नेतृत्व में नगर के दुकानदारों और श्रद्धालुओं को मां नंदा-सुनंदा का प्रसाद वितरित किया गया। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया।
विदाई समारोह में क्षेत्रीय विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, ब्लॉक प्रमुख बबली मेहरा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत, अर्चना रावत, पूर्व ब्लॉक प्रमुख धन सिंह रावत, दीप पांडेय, प्रभात रावत, रंगकर्मी विमल सती और अंशुल साह सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
शोभायात्रा में नगर के अनेक गणमान्य नागरिकों के साथ अगस्त लाल साह, कैलास पांडेय, जगदीश अग्रवाल, मोहन नेगी, जयंत रौतेला, जगदीश बिष्ट, यतीश रौतेला, दीपक पंत, गौरव भट्ट, अनिल वर्मा, किरण साह, विपिन चौधरी, ललित शाह, पंकज साह, सौरभ अग्रवाल, अमित रावत, मुकेश साह, प्रमोद कांडपाल, मोहित साह, कैलाश साह, पीयूष साह और सोनू सिद्धगी समेत बड़ी संख्या में नगरवासी शामिल रहे।
मां नंदा-सुनंदा की विदाई के साथ ही रानीखेत का यह आस्था और लोक संस्कृति से जुड़ा आयोजन संपन्न हुआ। पूरे आयोजन के दौरान जिस तरह नगरवासियों और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की, उससे रानीखेत की समृद्ध धार्मिक परंपरा और कुमाऊं की लोक संस्कृति की जीवंत तस्वीर एक बार फिर सामने आई।









