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इंजीनियर्स डे पर सेवा, समर्पण और संस्कृति का संगम

दिव्यांग बच्चों की मदद से लेकर रक्तदान तक, अभियंताओं ने पेश की मानवीय मिसाल

सेवालय के 27 दिव्यांग बच्चों की भावुक कहानी
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जब परिवार मजबूर हुए तो ‘सेवालय’ ने थामा हाथ…
27 बच्चों की भावुक कहानी — पूरी कहानी वीडियो में देखें

सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ, जनपद नैनीताल के तत्वावधान में लालडांट स्थित प्रेम बंधन बैंक्वेट हॉल में इंजीनियर्स डे समारोह धूमधाम और गरिमापूर्ण माहौल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अभियंताओं ने जहां महान इंजीनियर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया, वहीं सेवा, रक्तदान और सामाजिक सरोकारों के माध्यम से इंजीनियरिंग जगत की मानवीय संवेदनाओं को भी सामने रखा।

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कार्यक्रम की अध्यक्षता पुष्कर आर्या ने की, जबकि संचालन शंकर शम्भू पंत ने किया। समारोह में विभिन्न विभागों से पहुंचे अभियंताओं की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।

विश्वेश्वरैया को श्रद्धासुमन, आदर्शों पर चलने का संकल्प

कार्यक्रम के प्रथम चरण में दीप प्रज्ज्वलन के बाद महान अभियंता मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया एवं अभियंता आरके दत्ता को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। वक्ताओं ने दोनों के जीवन, कार्यों और अभियंत्रण क्षेत्र में उनके योगदान पर प्रकाश डाला।

वक्ताओं ने कहा कि अभियंता केवल निर्माण और तकनीकी विकास तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के विकास में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। समारोह में उपस्थित अभियंताओं ने महान विभूतियों के आदर्शों को आत्मसात करते हुए अपने दायित्वों का ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करने का संकल्प लिया।

दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा को मिला सम्मान, ‘सेवालय’ को सहायता

समारोह का दूसरा चरण सामाजिक सरोकारों को समर्पित रहा। नंदपुर स्थित सेवालय संस्था को सहायता सामग्री वितरित की गई। इस दौरान सेवालय से जुड़े दिव्यांग बच्चों द्वारा तैयार की गई आकर्षक एवं उपयोगी सामग्रियों का स्टॉल भी लगाया गया।

स्टॉल पर बच्चों द्वारा तैयार वस्तुओं ने समारोह में पहुंचे लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उपस्थित लोगों ने बच्चों की प्रतिभा और मेहनत की सराहना की। आयोजन के माध्यम से दिव्यांग बच्चों को प्रोत्साहन देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में समाज की जिम्मेदारी का संदेश भी दिया गया।

रक्तदान शिविर में अभियंताओं ने बढ़ाया सेवा का हाथ

इंजीनियर्स डे समारोह में प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर बालकृष्ण देवकी देवी चैरिटेबल सेवा समिति के तत्वावधान में संपन्न हुआ।

रक्तदान करने वालों में गणेश, वाईएस रावत, सुभाष जोशी, पुष्कर, पंकज उपाध्याय, रोहित जोशी, दीनदयाल पांडे, भाष्कर सुयाल, हेम चंद्र पुनेठा, मनोज भट्ट, मनमोहन, हर्ष बोरा, सुमित बिष्ट, नागेश पपनै, कमल मासीवाल, सौरभ मठपाल, संदीप टम्टा, संजय कुमार, अजय साह, लक्ष्मण कुमार, शीतल साह सहित अन्य लोग शामिल रहे।

रक्तदान शिविर ने समारोह को केवल औपचारिक आयोजन न रहकर जनसेवा से जोड़ दिया। रक्तदाताओं ने जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्तदान कर सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।

कुमाऊंनी गीतों पर झूमे अभियंता, झोड़ा-चांचरी ने बांधा समां

समारोह का चौथा चरण पूरी तरह सांस्कृतिक रंग में रंग गया। यशस्वी म्यूजिकल ग्रुप की ओर से रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। प्रसिद्ध गायक राकेश जोशी, नीलम गंगोला और भैरव पलड़िया ने कुमाऊंनी गीतों की शानदार प्रस्तुतियों से माहौल को जीवंत कर दिया।

कुमाऊंनी गीतों की धुन पर समारोह में मौजूद लोग झूमने को मजबूर हो गए। वहीं नैनीताल से पहुंचे नृत्य समूह ने झोड़ा और चांचरी सहित विभिन्न लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उत्तराखंड की लोकसंस्कृति की खूबसूरत झलक पेश की। देर तक चले सांस्कृतिक कार्यक्रम ने समारोह में उत्साह और उल्लास का रंग भर दिया।

विभिन्न विभागों के अभियंता सम्मानित

समारोह के समापन अवसर पर विभिन्न विभागों से पहुंचे अभियंताओं को पृथक-पृथक स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के दौरान अभियंताओं के योगदान और सेवाओं की सराहना की गई।

इस अवसर पर उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के संस्थापक महासचिव पीसी जोशी, जल निगम से सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता एमसी पंत, पीसी पंत, गुलाब राम, हिम्मत रावत, मदन राम, कन्याल, मुख्य संयोजक कार्यक्रम वाईएस रावत, गणेश रौतेला, सुभाष जोशी, भाष्कर कांडपाल, पंकज उपाध्याय, अजेंद्र जोशी, मथुरादत्त, विवेक भट्ट, विरेंद्र कुमार, धर्मेंद्र, गोविंद जनौटी, एसएस डंगवाल, जगदीप राणा, प्रीति बिष्ट, नीरज मिश्रा, दीपक सामंत, आरसी पांडे, कैलाश बिष्ट, ललित गौड़, आरएस पंवार, हरीश चंद्र सती, टीएस लटवाल, दीप चौधरी, राजेंद्र गिरी समेत विभिन्न विभागों के अभियंता मौजूद रहे।

समारोह ने तकनीकी सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी, रक्तदान, दिव्यांग बच्चों के प्रोत्साहन और कुमाऊंनी लोकसंस्कृति—इन सभी को एक मंच पर जोड़ते हुए इंजीनियर्स डे को यादगार बना दिया।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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