मुख्यमंत्री धामी के समक्ष पहुंचा पत्रकारों का 10 सूत्रीय एजेंडा
पर्वतीय पत्रकार महासंघ ने सीएम धामी को सौंपा ज्ञापन
सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। पर्वतीय पत्रकार महासंघ ने प्रदेश के पत्रकारों, न्यूज पोर्टलों तथा लघु एवं मझौले समाचार पत्रों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को 10 सूत्रीय ज्ञापन भेजा है। महासंघ ने न्यूज पोर्टलों की विज्ञापन दरों की समीक्षा, हल्द्वानी में प्रेस सूचना ब्यूरो की शाखा खोलने, पत्रकार आवास योजना शुरू करने, वयोवृद्ध पत्रकारों की पेंशन बढ़ाने तथा छोटे समाचार पत्रों के विज्ञापन भुगतान को समयबद्ध करने सहित लंबित पत्रकार हित के मामलों पर शीघ्र निर्णय की मांग की है।
₹1,200 की समान विज्ञापन दर पर सवाल
महासंघ ने वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न आकार के बैनर विज्ञापनों पर निर्धारित ₹1,200 की समान दर की समीक्षा की मांग की है। महासंघ का कहना है कि न्यूज पोर्टलों की वास्तविक लागत और पहुंच को देखते हुए विज्ञापन दर एक समान नहीं होनी चाहिए।
वेबसाइट की पहुंच, विज्ञापन का आकार, उसके स्थान, प्रदर्शन की अवधि तथा सर्वर और तकनीकी संचालन पर होने वाले खर्च को आधार बनाकर विज्ञापन दरों का पुनर्निर्धारण किए जाने की मांग की गई है।
हल्द्वानी में खुले प्रेस सूचना ब्यूरो की शाखा
कुमाऊं मंडल के पत्रकारों की सुविधा के लिए महासंघ ने हल्द्वानी में प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) की शाखा अथवा उपशाखा खोलने की मांग की है। इसके लिए केंद्र सरकार को राज्य सरकार की ओर से संस्तुति भेजने का अनुरोध किया गया है।
महासंघ का तर्क है कि कुमाऊं क्षेत्र के पत्रकारों को पीआईबी से संबंधित कार्यों के लिए देहरादून अथवा अन्य स्थानों पर निर्भर रहना पड़ता है। हल्द्वानी में शाखा खुलने से पूरे कुमाऊं के पत्रकारों को सुविधा मिल सकेगी।
लंबित मामलों के लिए विज्ञापन मान्यता समिति की बैठक की मांग
ज्ञापन में लंबे समय से लंबित मामलों के निस्तारण के लिए विज्ञापन मान्यता समिति की बैठक शीघ्र बुलाने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई है। महासंघ ने कहा कि पत्रकारों और मीडिया संस्थानों से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण जरूरी है, ताकि उन्हें अनावश्यक प्रशासनिक देरी का सामना न करना पड़े।
डिजिटल मीडिया, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण हो
बदलते मीडिया परिदृश्य को देखते हुए महासंघ ने पत्रकारों के लिए नियमित प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रम शुरू करने की मांग की है।
विशेष रूप से डिजिटल मीडिया, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित प्रशिक्षण को पत्रकारिता प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल करने पर जोर दिया गया है। महासंघ का कहना है कि तकनीक तेजी से बदल रही है और पत्रकारों को इसके अनुरूप दक्ष बनाना समय की आवश्यकता है।
मान्यता प्राप्त पत्रकारों की रेलवे रियायत बहाल कराने की मांग
ज्ञापन में मान्यता प्राप्त पत्रकारों को रेलवे यात्रा में पूर्व में मिलने वाली रियायत को बहाल कराने के लिए केंद्र सरकार से पहल करने का अनुरोध भी किया गया है। महासंघ ने इसे पत्रकारों से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाओं में शामिल करते हुए राज्य सरकार से केंद्र के समक्ष प्रभावी पैरवी की मांग की है।
वयोवृद्ध पत्रकारों की पेंशन ₹15 हजार करने की मांग
महासंघ ने पात्र वयोवृद्ध पत्रकारों की पेंशन बढ़ाकर कम से कम ₹15,000 प्रतिमाह किए जाने की मांग की है। साथ ही पेंशन प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने का भी अनुरोध किया गया है।
ज्ञापन में पत्रकारों और मीडिया संस्थानों का अधिकृत एवं अद्यतन डाटा बैंक तैयार करने की मांग भी रखी गई है, ताकि प्रदेश में कार्यरत पत्रकारों और मीडिया संस्थानों से संबंधित सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाई जा सके।
देहरादून और हल्द्वानी में पत्रकार आवास योजना की मांग
महासंघ ने पत्रकारों के लिए देहरादून और हल्द्वानी में पत्रकार आवास योजना शुरू करने की मांग की है। इसके तहत आसान किश्तों और रियायती शर्तों पर पात्र पत्रकारों को आवास उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया है।
महासंघ का कहना है कि लगातार बढ़ती आवासीय लागत के बीच पत्रकारों के लिए आवास की सुविधा उपलब्ध कराना उनके सामाजिक एवं आर्थिक हित में महत्वपूर्ण कदम होगा।
सचिवालय प्रवेश हो आसान, गेस्टहाउस में मिले सुविधा
ज्ञापन में मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए सचिवालय प्रवेश की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की गई है। इसके साथ ही गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकारों को निर्धारित शुल्क पर सरकारी गेस्टहाउसों में ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया गया है।
छोटे समाचार पत्रों के लिए वार्षिक विज्ञापन पैकेज का प्रस्ताव
लघु एवं मझौले समाचार पत्रों को आर्थिक रूप से राहत देने के लिए महासंघ ने वार्षिक विज्ञापन पैकेज निर्धारित करने की मांग की है।
इसके अलावा विज्ञापन बिलों को ऑनलाइन प्रस्तुत करने और उनका समयबद्ध ऑनलाइन भुगतान सुनिश्चित करने की व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है। महासंघ का कहना है कि छोटे मीडिया संस्थानों के लिए समय पर भुगतान बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि सीमित संसाधनों के बीच उन्हें मुद्रण, सर्वर, तकनीकी, वितरण और अन्य संचालन लागत का लगातार सामना करना पड़ता है।
बढ़ती लागत ने छोटे मीडिया संस्थानों की मुश्किलें बढ़ाईं: पाठक
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश पाठक ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी और संचालन लागत लगातार बढ़ रही है। इसका सीधा असर छोटे मीडिया संस्थानों और पत्रकारों पर पड़ रहा है। ऐसे में पत्रकार हित से जुड़े लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि ज्ञापन में उठाए गए विषयों पर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं और पत्रकारों एवं मीडिया संस्थानों की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ये प्रमुख मांगें उठाईं
- न्यूज पोर्टलों की विज्ञापन दरों की समीक्षा एवं वास्तविक लागत के अनुरूप पुनर्निर्धारण।
- हल्द्वानी में प्रेस सूचना ब्यूरो की शाखा या उपशाखा खोलने के लिए केंद्र को संस्तुति।
- विज्ञापन मान्यता समिति की बैठक शीघ्र बुलाकर लंबित मामलों का निस्तारण।
- पत्रकारों के लिए नियमित प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रम।
- डिजिटल मीडिया, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण।
- मान्यता प्राप्त पत्रकारों की रेलवे यात्रा रियायत बहाल कराने के लिए पहल।
- पत्रकारों एवं मीडिया संस्थानों का अधिकृत और अद्यतन डाटा बैंक।
- पात्र वयोवृद्ध पत्रकारों की पेंशन कम से कम ₹15,000 प्रतिमाह करना और प्रक्रिया सरल बनाना।
- देहरादून एवं हल्द्वानी में पत्रकार आवास योजना शुरू करना।
- सचिवालय प्रवेश सरल करने, गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकारों को निर्धारित शुल्क पर सरकारी गेस्टहाउस सुविधा देने तथा लघु-मझौले समाचार पत्रों के लिए वार्षिक विज्ञापन पैकेज एवं ऑनलाइन समयबद्ध भुगतान व्यवस्था लागू करना।
ये पत्रकार रहे मौजूद
ज्ञापन देने वालों में डॉ. दिनेश जोशी, डॉ. राजेंद्र क्वीरा, भावना पाठक, डॉ. मदन मोहन पाठक, जिलाध्यक्ष अजय उप्रेती, धीरज जोशी, गिरीश चंदोला, दीपक मनराल, सुरेंद्र मौर्य, आनंद बत्रा, ईश्वरी दत्त भट्ट, धर्मानंद खोलिया, जसवीर सिंह, उत्कर्ष जोशी सहित हिमालयन डिजिटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश पाण्डेय, हर्ष रावत समेत कई पत्रकार मौजूद रहे।





