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निजी विद्यालयों की शुल्क शिकायतों पर प्रशासन सख्त

39 स्कूलों में शुल्क समायोजन का होगा भौतिक सत्यापन

जिलाधिकारी ने निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई के दिए निर्देश

सीएनई रिपोर्टर, भीमताल: निजी विद्यालयों की शुल्क संबंधी शिकायतों को लेकर नैनीताल जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिले के विकासखंड क्षेत्र में 39 निजी विद्यालयों द्वारा विभिन्न मदों में किए गए शुल्क समायोजन का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा, जबकि पूर्व में नोटिस जारी किए गए 17 निजी विद्यालयों के मामलों की जांच और अनुपालन की कार्रवाई भी जारी है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में शनिवार को विकास भवन, भीमताल में हुई समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अभिभावकों की शिकायतों को प्राथमिकता से लेते हुए प्रत्येक प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमानुसार जांच कर उसका निस्तारण किया जाए।

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बैठक में निजी विद्यालयों में शुल्क के विभिन्न मदों में किए गए समायोजन और लंबित शिकायतों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि संबंधित विकासखंड के अंतर्गत संचालित 39 निजी विद्यालयों में अलग-अलग मदों में शुल्क का समायोजन किया गया है। इन मामलों की वास्तविक स्थिति की जांच के लिए संबंधित प्रधानाचार्यों को नामित किया गया है, ताकि अभिलेखों और विद्यालय स्तर पर किए गए शुल्क समायोजन का भौतिक सत्यापन किया जा सके।

17 निजी विद्यालयों को जारी नोटिसों पर भी जांच जारी

बैठक में पूर्व में 17 निजी विद्यालयों को जारी किए गए नोटिसों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इन विद्यालयों से संबंधित शिकायतों एवं नोटिसों के संबंध में जांच तथा अनुपालन की कार्रवाई मुख्य शिक्षा अधिकारी, नैनीताल द्वारा गठित जांच समिति के माध्यम से की जा रही है।

प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि शुल्क संबंधी मामलों में केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहकर तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा। विद्यालयों से प्राप्त जानकारी, शुल्क से संबंधित अभिलेख और अभिभावकों की शिकायतों को सामने रखकर प्रकरणों का निस्तारण किया जाएगा।

सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर भी हुई कार्रवाई की समीक्षा

बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर अभिभावक बृजलाल मीणा द्वारा शुल्क के संबंध में दर्ज कराई गई शिकायत की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई के बाद अभिभावक ने विद्यालय प्रशासन से वार्ता कर वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की।

वार्ता के बाद अभिभावक ने अपनी शंकाओं के समाधान के संबंध में लिखित रूप से अवगत कराया है। प्रशासन ने इस प्रकरण की कार्रवाई को भी समीक्षा के दौरान सामने रखा और शिकायतों के समाधान के बाद उनकी स्थिति को अभिलेखों में दर्ज करने पर जोर दिया।

हिम्मतपुर चौम्वाल निवासी भुवेश भट्ट द्वारा डॉन बॉस्को स्कूल के संबंध में की गई शिकायत पर भी बैठक में जानकारी दी गई। अधिकारियों के अनुसार शिकायत की जांच के बाद प्रकरण का समाधान कर दिया गया है।

जांच के बाद विद्यालय द्वारा अतिरिक्त शुल्क के रूप में ली गई धनराशि का अगस्त और सितंबर 2026 की फीस में समायोजन किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अन्य निजी विद्यालयों से संबंधित प्रकरणों में भी नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

बैठक में वेंडी पब्लिक स्कूल, दौलतपुर से संबंधित विभिन्न शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत चर्चा की गई। विद्यालय के प्रबंधक और प्रधानाचार्य द्वारा उपलब्ध कराए गए तथ्यों तथा प्राप्त शिकायतों का संज्ञान लेते हुए सभी मामलों की पारदर्शी जांच और नियमानुसार निस्तारण के निर्देश दिए गए।

प्रकरण में प्रशासन ने जांच और सुनवाई की तारीख भी तय कर दी है। 31 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे से वेंडी पब्लिक स्कूल, दौलतपुर में स्थलीय जांच की जाएगी। मौके पर विद्यालय से संबंधित तथ्यों और शिकायतों की वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया जाएगा।

इसके बाद उसी दिन दोपहर 1 बजे राजकीय उच्चतर प्राथमिक विद्यालय, कालाढूंगी रोड, हल्द्वानी स्थित सीआरसी कार्यालय में सुनवाई आयोजित की जाएगी। इस दौरान संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।

छह सदस्यीय समिति करेगी जांच, वित्त अधिकारी भी नामित

वेंडी पब्लिक स्कूल प्रकरण की जांच और सुनवाई के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इसके साथ ही मुख्य शिक्षा अधिकारी, नैनीताल द्वारा विद्यालयी शिक्षा के वित्त अधिकारी इन्द्र सिंह को भी इस प्रकरण की जांच के लिए नामित किया गया है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य शिकायतों की जांच को एकपक्षीय होने से रोकते हुए तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय तक पहुंचना है। स्थलीय जांच के दौरान उपलब्ध अभिलेखों और शिकायतों में लगाए गए आरोपों का परीक्षण किया जाएगा।

अभिभावकों की शिकायतों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निजी विद्यालयों से जुड़े शुल्क प्रकरणों में निष्पक्षता, पारदर्शिता और नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अभिभावकों की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और प्रत्येक मामले का समयबद्ध ढंग से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

प्रशासन के इस रुख से स्पष्ट है कि निजी विद्यालयों की शुल्क व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों को अब गंभीरता से लिया जा रहा है। विशेष रूप से शुल्क समायोजन, अतिरिक्त शुल्क और अभिभावकों द्वारा उठाए जा रहे सवालों की जांच में विद्यालयों से प्राप्त अभिलेखों और वास्तविक स्थिति का मिलान किया जाएगा। इससे शिकायतों के समाधान के साथ-साथ शुल्क संबंधी व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दिशा में भी कदम मजबूत होने की उम्मीद है।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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