रेस्टोरेंट के बाहर मारपीट और जानलेवा हमले का मामला
CNE REPORTER, नैनीताल। भीमताल में रेस्टोरेंट के बाहर मारपीट और जानलेवा हमले के मामले में नैनीताल पुलिस की मजबूत पैरवी का असर सामने आया है। गंभीर रूप से घायल रमेश किरौला की हालत और मामले में सामने आए साक्ष्यों को देखते हुए न्यायालय ने तीन मुख्य आरोपियों के खिलाफ 14 दिन की न्यायिक हिरासत का रिमांड स्वीकृत किया है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जिला कारागार नैनीताल में निरुद्ध कर दिया है। वहीं, सह-आरोपी गौरांग रौतेला के विरुद्ध न्यायालय ने गैर-जमानती वारंट जारी किया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, 6 जुलाई 2026 की रात वादी हिमांशु रैक्वाल, निवासी राजारानी विहार, हल्द्वानी के भीमताल स्थित रेस्टोरेंट के बाहर राहुल रावत, गौरांग रौतेला, आयुष बोरा, अजय कुल्याल, गौरव कुल्याल समेत करीब 10 से 12 लोगों ने शराब के नशे में हंगामा किया।

हंगामे का विरोध करने पर आरोपियों ने हिमांशु रैक्वाल के साथ मारपीट की और कथित तौर पर जान से मारने की नीयत से उनके सिर पर लोहे के औजार से घातक वार किया। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने तत्काल आपातकालीन सेवा 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने पर आरोपी वहां से फरार हो गए।
पुलिस के पहुंचने के बाद भी नहीं थमा हमला
मामले की गंभीरता यहीं खत्म नहीं हुई। आरोप है कि आधी रात के बाद आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ वैरायटी रेस्टोरेंट और अस्पताल पहुंचे और वहां वादी के मामा रमेश किरौला तथा उनके भाई पर दोबारा हमला कर दिया।
इस हमले में रमेश किरौला के भाई के सिर में गंभीर चोटें आईं और उन्हें टांके लगाने पड़े, जबकि रमेश किरौला के कंधे में फ्रैक्चर हो गया। उनकी हालत बाद में लगातार गंभीर होती चली गई।
हल्द्वानी से दिल्ली तक चला इलाज, अब भी कोमा में हैं रमेश किरौला
गंभीर रूप से घायल रमेश किरौला को बेहतर उपचार के लिए पहले डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय, हल्द्वानी ले जाया गया। इसके बाद उन्हें कृष्णा हॉस्पिटल, ठंडी सड़क, हल्द्वानी के गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कराया गया। हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर उन्हें वर्तमान में मैक्स अस्पताल, पटपड़गंज, दिल्ली में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, रमेश किरौला अभी भी कोमा में हैं और उनकी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।
गंभीर धाराओं में कार्रवाई, हत्या के प्रयास की धारा भी जोड़ी गई
घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी ने संबंधित धाराओं में अभियोग दर्ज कर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद भीमताल थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 110, 115, 118(2), 352, 351, 324(2), 190(2) और 190 के तहत कार्रवाई की गई तथा विवेचना उपनिरीक्षक महेंद्र राज सिंह को सौंपी गई।
विवेचना के दौरान घायल रमेश किरौला की अत्यंत गंभीर चिकित्सीय स्थिति, सामने आए पुष्टिकारक साक्ष्यों और जानलेवा चोटों को देखते हुए मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), यानी हत्या के प्रयास, की गंभीर धारा भी बढ़ाई गई।
पहले चार आरोपी गिरफ्तार हुए थे, लेकिन रिमांड पर नहीं भेजे गए
पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई में चार मुख्य अभियुक्तों राहुल सिंह रावत, गौरांग रौतेला, अजय कुल्याल और गौरव कुल्याल को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया था। उस समय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नैनीताल की अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 110 के आधार पर रिमांड स्वीकृत नहीं किया और आरोपियों को जमानत मिल गई थी।
इसके बाद वादी पक्ष की ओर से इस मामले में नैनीताल स्थित उच्च न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका दायर की गई।
उच्च न्यायालय के आदेश के बाद मामले की दोबारा सुनवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च न्यायालय ने इसकी पुनः सुनवाई के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नैनीताल को निर्देशित किया। इसके क्रम में मामले की सुनवाई न्यायालय में हुई, जिसमें वादी पक्ष, प्रतिवादी पक्ष, विवेचक और अभियोजन पक्ष उपस्थित रहे।
सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से मामले की गंभीरता, घायल की चिकित्सीय स्थिति और विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों को प्रभावी ढंग से न्यायालय के समक्ष रखा गया।
मजबूत पैरवी के बाद तीन आरोपियों का 14 दिन का रिमांड
नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी के मार्गदर्शन, जिला शासकीय अधिवक्ता अपराध सुशील शर्मा की प्रभावी पैरवी तथा विवेचनाधिकारी एवं भीमताल के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार यादव की विवेचना के परिणामस्वरूप न्यायालय ने तीन अभियुक्तों के खिलाफ 14 दिन की न्यायिक हिरासत का रिमांड स्वीकृत किया।
न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने गौरव कुल्याल उर्फ गुल्ली, निवासी जंगलिया गांव, भीमताल; राहुल सिंह रावत, निवासी भरतपुर, भीमताल; और अजय कुल्याल, निवासी जंगलिया गांव, भीमताल को विधिवत गिरफ्तार कर जिला कारागार नैनीताल में निरुद्ध कर दिया।
गौरांग रौतेला के खिलाफ गैर-जमानती वारंट
मामले में सह-अभियुक्त गौरांग रौतेला के विरुद्ध न्यायालय ने गैर-जमानती वारंट जारी किया है। पुलिस अब उसकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है।
इसके अलावा प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है। पुलिस का कहना है कि विवेचना अभी प्रचलित है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानून का राज कायम रखने की प्रतिबद्धता
नैनीताल पुलिस ने कहा है कि गंभीर आपराधिक घटनाओं में आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस का जोर न केवल आरोपियों की गिरफ्तारी पर है, बल्कि न्यायालय में मजबूत पैरवी और वैज्ञानिक एवं साक्ष्य आधारित विवेचना के माध्यम से दोषियों को कानून के दायरे में लाने पर भी है।










