व्यापार मंडल की चुनावी प्रक्रिया पर उठे सवाल
सीएनई संवाददाता, रानीखेत : प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की जिला इकाई में चल रहे संगठनात्मक विवाद के बीच जिला अध्यक्ष मोहन नेगी और जिला महामंत्री राजेंद्र प्रसाद पांडे ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। दोनों पदाधिकारियों ने अपना इस्तीफा प्रांतीय संगठन के पदाधिकारियों को भेज दिया है। इस्तीफे के बाद व्यापार मंडल की स्थानीय संगठनात्मक गतिविधियों और नगर इकाई के चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
एक प्रेस वार्ता में मोहन नेगी और राजेंद्र प्रसाद पांडे ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में संगठन की गरिमा, व्यापारी एकता और अनुशासन को बनाए रखना उनके लिए सर्वोपरि रहा है। उन्होंने कहा कि नगर इकाई के चुनाव को लेकर उत्पन्न विवाद के समाधान के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए गए, लेकिन कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आ सका। ऐसी स्थिति में उन्होंने जिला इकाई के अपने पदों से अलग होने का निर्णय लिया।

नगर इकाई के चुनाव को लेकर विवाद के बाद बढ़ी असमंजस की स्थिति
बताया गया कि नगर इकाई के चुनाव की प्रक्रिया के दौरान कुछ व्यापारियों ने विभिन्न नामांकनों पर आपत्ति जताते हुए चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की जांच की मांग की थी। इसके बाद चुनाव समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और एक सदस्य ने अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया। इससे चुनाव कार्यक्रम बाधित हो गया।
मामले की जानकारी प्रांतीय संगठन को भेजे जाने के बाद उसके निर्देश पर चुनाव प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया। इसके बाद विवाद के समाधान के लिए जांच और पर्यवेक्षण की दिशा में भी प्रयास किए गए, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति अथवा किसी ठोस निष्कर्ष तक पहुंचना संभव नहीं हो सका।
नेगी और पांडे का कहना है कि रानीखेत में छावनी क्षेत्र के नियमों और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पूर्व में भी चुनाव समिति के निर्धारित नियमों एवं प्रक्रिया के अनुरूप चुनाव कराए जाते रहे हैं। उनका आरोप है कि मौजूदा विवाद में व्यापारिक हितों और संगठनात्मक गरिमा को प्राथमिकता देने के बजाय कुछ लोगों द्वारा अपने राजनीतिक स्वार्थ और व्यक्तिगत लाभ के लिए चुनाव प्रक्रिया और नियमों की गरिमा को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
36 वर्षों तक व्यापारी संगठन के लिए किया कार्य : नेगी
मोहन नेगी ने कहा कि उन्होंने पिछले 36 वर्षों से व्यापारी एकता और संगठन को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य किया। उनके अनुसार, जिले में व्यापारी संगठन को विस्तार देने के उद्देश्य से उन्होंने 17 नगर इकाइयों का गठन कराया और उन्हें संगठन से जोड़ते हुए लगातार मार्गदर्शन प्रदान किया।
उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल चुनाव कराना नहीं, बल्कि व्यापारियों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करना रहा है। इसी उद्देश्य से विभिन्न नगरों में जिला स्तरीय सम्मेलन भी आयोजित किए गए।
नेगी के अनुसार रानीखेत, द्वाराहाट, चौखुटिया, भिकियासैंण, स्याल्दे, देघाट, कपड़खान और बग्वाली पोखर सहित विभिन्न क्षेत्रों में जिला सम्मेलन आयोजित कर व्यापारियों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया। व्यापारियों की समस्याओं, उनके योगदान और संगठन की गतिविधियों से संबंधित जानकारी को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए स्मारिका का प्रकाशन भी किया गया।
व्यापारियों की समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन तक पहुंचाई आवाज
मोहन नेगी ने कहा कि जिला व्यापार संघ ने व्यापारियों की अनेक समस्याओं के समाधान के लिए समय-समय पर शासन और प्रशासन को ज्ञापन भेजे। खाद्य लाइसेंस एवं पंजीकरण, फेरी व्यवसायियों से संबंधित समस्याओं तथा जिला पंचायत से जुड़ी व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं के निस्तारण के लिए संगठन ने लगातार प्रयास किए।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों की रोजमर्रा की दिक्कतों को संबंधित विभागों तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए संगठन की ओर से कई बार अधिकारियों से वार्ता की गई तथा ज्ञापन भी सौंपे गए।
गिरते कारोबार और पर्यटन गतिविधियों को लेकर भी उठाई आवाज
नेगी ने कहा कि पहाड़ों में लगातार बदलते व्यापारिक हालात और पर्यटन गतिविधियों में कमी का सीधा असर स्थानीय कारोबार पर पड़ रहा है। दूसरी ओर कैंची धाम क्षेत्र में बढ़ते यातायात और जाम की समस्या के कारण रानीखेत समेत आसपास के क्षेत्रों के लोगों और व्यापारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान तथा क्षेत्र में बाईपास निर्माण की मांग को लेकर जनता के साथ मिलकर आंदोलन किए गए। इस संबंध में मुख्यमंत्री और शासन-प्रशासन को लगातार ज्ञापन भेजकर समस्या के स्थायी समाधान की मांग की जाती रही।
पद से अलग हुए, लेकिन व्यापारियों के साथ खड़े रहने का भरोसा
इस्तीफा देने के बावजूद मोहन नेगी ने स्पष्ट किया कि पद से हटना व्यापारियों और नगर की समस्याओं से दूरी बनाना नहीं है। उन्होंने रानीखेत के व्यापारियों और नगरवासियों को भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी नगर की समस्याओं के समाधान के लिए वे हर संभव सहयोग करते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि संगठनात्मक पद की जिम्मेदारी से अलग होने के बावजूद व्यापारी हित, नगर की समस्याएं और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दे उनके लिए पहले की तरह महत्वपूर्ण रहेंगे।
वहीं, जिला महामंत्री राजेंद्र प्रसाद पांडे के इस्तीफे के बाद जिला इकाई के आगामी स्वरूप और नगर इकाई के चुनाव को लेकर प्रांतीय संगठन के अगले निर्णय पर सभी की निगाहें टिकी हैं। अब देखना होगा कि प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल इस पूरे मामले में क्या निर्णय लेता है और रानीखेत की नगर इकाई की चुनाव प्रक्रिया को किस प्रकार आगे बढ़ाया जाता है।


