अंदर मौजूद कर्मचारी बाल-बाल बचे, तेज धमाके से मची अफरा-तफरी
सीएनई रिपोर्टर, गरमपानी। नैनीताल जनपद के गरमपानी क्षेत्र स्थित सुयालबाड़ी राजकीय पशु चिकित्सालय में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अस्पताल परिसर में वर्षों से खड़ा एक सूखा पेड़ अचानक भरभराकर भवन की छत पर गिर पड़ा। घटना के समय चिकित्सालय के भीतर मौजूद सभी कर्मचारी सुरक्षित बच गए, जिससे एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गत दिवस दोपहर करीब दो बजे अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। देखते ही देखते सूखा पेड़ अस्पताल की छत पर आ गिरा, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। उस समय पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. तन्मय तिवारी, डॉ. अमित साह, फार्मासिस्ट दामोदर जोशी तथा अन्य कर्मचारी भवन के अंदर अपने कार्य में व्यस्त थे। तेज आवाज सुनकर सभी कर्मचारी बाहर निकले और हालात का जायजा लिया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी भी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति को चोट नहीं आई।

कुछ फीट इधर-उधर गिरता तो हो सकता था बड़ा हादसा
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण और स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंच गए। लोगों का कहना है कि यदि पेड़ भवन के किसी अन्य हिस्से या प्रवेश द्वार की ओर गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था। संयोगवश पेड़ ऐसी दिशा में गिरा, जिससे जनहानि टल गई।
जर्जर भवन और सूखे पेड़ बने खतरे की घंटी
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पशु चिकित्सालय की बदहाल स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। उनका कहना है कि चिकित्सालय भवन लंबे समय से जर्जर अवस्था में है और परिसर में कई सूखे तथा खतरनाक पेड़ अब भी खड़े हैं, जो कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। शुक्रवार की घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि राजकीय पशु चिकित्सालय भवन की तत्काल मरम्मत कराई जाए। साथ ही परिसर में मौजूद सभी सूखे और जर्जर पेड़ों को प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाए, ताकि चिकित्सालय में कार्यरत कर्मचारियों, पशुपालकों और यहां आने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सवाल यह भी…
शुक्रवार की यह घटना भले ही बिना किसी जनहानि के समाप्त हो गई, लेकिन इसने सरकारी भवनों की सुरक्षा व्यवस्था और समय पर रखरखाव की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर कर दिया है। यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में ऐसी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।


