वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने खंगाला घटनास्थल
CNE REPORTER, हल्द्वानी। तीनपानी बाईपास पुल पर चार युवकों की जिंदगी छीन लेने वाली भीषण सड़क दुर्घटना के बाद पुलिस ने हादसे के कारणों की गहन पड़ताल तेज कर दी है। रविवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. स्वयं दुर्घटनास्थल पर पहुंचे और पुल के घुमाव, सड़क की स्थिति, दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की संभावित दिशा और हादसे से जुड़े तकनीकी पहलुओं का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को दुर्घटना के कारणों का वैज्ञानिक और तकनीकी परीक्षण कर भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपायों की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का घटनास्थल निरीक्षण ऐसे समय में हुआ है, जब इस दर्दनाक दुर्घटना में चार युवकों की मौत के बाद कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मृतकों के परिजनों ने दावा किया है कि हादसे के बाद वाहन चालक को भागते समय लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। इसके बावजूद मुकदमा अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ दर्ज किए जाने को लेकर परिजन सवाल उठा रहे हैं। हालांकि इस दावे और मुकदमे से जुड़े पूरे घटनाक्रम पर पुलिस की विस्तृत आधिकारिक स्थिति सामने आना अभी बाकी है।
पुल के घुमाव से लेकर वाहनों की दिशा तक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बारीकी से देखे हालात
रविवार, 13 जुलाई 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने तीनपानी बाईपास पुल स्थित दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने घटनास्थल की परिस्थितियों का बारीकी से अवलोकन करते हुए दुर्घटना के संभावित कारणों, स्कॉर्पियो और स्कूटी की दिशा, सड़क की मौजूदा स्थिति, पुल के घुमाव और हादसे से जुड़े अन्य तकनीकी पहलुओं का गहन अध्ययन किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह अत्यंत दुःखद और गंभीर सड़क दुर्घटना है। हादसे के प्रत्येक पहलू का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। उन्होंने अधिकारियों को दुर्घटना के कारणों का वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर परीक्षण करने और जरूरी सुधारात्मक उपायों के संबंध में रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दुर्घटना से समाज, वाहन चालकों और पुलिस की यातायात प्रवर्तन व्यवस्था, सभी को सीख लेने की आवश्यकता है। सड़क सुरक्षा नियमों का पालन, निर्धारित गति सीमा का अनुपालन और सावधानीपूर्वक वाहन संचालन ही गंभीर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के सबसे प्रभावी उपाय हैं। पुलिस भी सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रभावी प्रवर्तन के लिए लगातार आवश्यक कदम उठाती रहेगी।
घटना के समय पुलिस अधीक्षक अपराध एवं यातायात नैनीताल तथा पुलिस अधीक्षक नगर हल्द्वानी भी बेस चिकित्सालय हल्द्वानी पहुंचे थे। दोनों अधिकारियों ने दुर्घटना से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त कर स्थिति का जायजा लिया था और पुलिस स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जानकारी ली थी।

फ्लैश बैक: शनिवार रात करीब 10 बजे तीनपानी पुल पर मची थी चीख-पुकार
यह दर्दनाक हादसा 11 जुलाई 2026 की रात करीब 10 बजे तीनपानी बाईपास पुल पर हुआ था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार लालकुआं की ओर से आ रही स्कॉर्पियो वाहन संख्या यूके-04यू-7275 ने पुल के घुमाव पर एक स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी पर सवार चारों युवक सड़क पर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे की सूचना आपातकालीन सेवा डायल-112 के माध्यम से पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दुर्घटनास्थल पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार के बीच घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सुचारू कराया और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए।
हादसे में स्कूटी सवार चारों युवकों की जान चली गई। मृतकों की पहचान राहुल राजपूत, शिवम, आशु और आदि टम्टा के रूप में बताई गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार राहुल राजपूत, शिवम और आशु गौरा पड़ाव क्षेत्र के रहने वाले थे। हादसे में गंभीर रूप से घायल आदि टम्टा ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। चार युवकों की मौत की खबर से परिवारों में कोहराम मच गया और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
मुकदमा अज्ञात पर क्यों? परिजनों के दावे से खड़े हुए सवाल ?
इस पूरे मामले में मृतकों के परिजनों की ओर से किया गया दावा अब चर्चा का विषय बना हुआ है। परिजनों का कहना है कि दुर्घटना के बाद भाग रहे चालक को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया था और उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया था। उनका सवाल है कि यदि चालक पुलिस के सुपुर्द किया गया था तो मुकदमा अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ क्यों दर्ज किया गया?
यह परिजनों का दावा है और पुलिस की ओर से इस आरोप पर विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना शेष है। ऐसे में चालक की पहचान, हिरासत अथवा गिरफ्तारी की स्थिति और प्राथमिकी में अज्ञात चालक दर्ज किए जाने की परिस्थितियों को लेकर पुलिस की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
स्कॉर्पियो के स्वामित्व को लेकर भी चर्चा, आधिकारिक पुष्टि नहीं
सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि दुर्घटना में शामिल स्कॉर्पियो वाहन संख्या यूके-04यू-7275 नैनीताल स्थित एक नर्सिंग कॉलेज से संबंधित है। यह भी चर्चा है कि दुर्घटना के समय वाहन में कॉलेज प्रबंधन से जुड़ा एक वरिष्ठ व्यक्ति मौजूद था। हालांकि पुलिस ने अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
ऐसे में वाहन के वास्तविक पंजीकृत स्वामी, दुर्घटना के समय वाहन चला रहे व्यक्ति और स्कॉर्पियो में मौजूद अन्य लोगों के संबंध में पुलिस जांच और आधिकारिक बयान का इंतजार है। जांच पूरी होने से पहले इन दावों को पुष्ट तथ्य नहीं माना जा सकता।
चार मौतों के बाद सड़क सुरक्षा पर बड़ा सवाल, अब तकनीकी रिपोर्ट पर नजर
तीनपानी बाईपास पुल का यह हादसा केवल चार परिवारों के लिए कभी न भरने वाला जख्म नहीं है, बल्कि शहर की सड़क सुरक्षा व्यवस्था के सामने भी गंभीर सवाल खड़ा कर गया है। पुल के घुमाव पर वाहनों की गति, सड़क की संरचना, चेतावनी संकेतक, प्रकाश व्यवस्था और यातायात नियमों के प्रवर्तन जैसे पहलुओं पर अब निगाहें टिक गई हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के स्वयं घटनास्थल पहुंचकर निरीक्षण करने और वैज्ञानिक एवं तकनीकी परीक्षण के निर्देश देने के बाद उम्मीद है कि हादसे के वास्तविक कारणों की तस्वीर स्पष्ट होगी। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उस रात तीनपानी बाईपास पुल पर ऐसा क्या हुआ कि एक ही झटके में चार युवकों की जिंदगी खत्म हो गई?
अब पुलिस की तकनीकी जांच, चालक की पहचान से जुड़ी आधिकारिक स्थिति और परिजनों द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब पर सभी की नजरें टिकी हैं।


