भू-धंसाव से सड़क का हिस्सा शिप्रा नदी में समाया
लगातार बारिश रही तो प्रभावित हो सकता है भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग
सीएनई रिपोर्टर, खैरना/गरमपानी। कुमाऊं को मैदानी क्षेत्रों से जोड़ने वाले भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामगाड़ के पास भू-धंसाव ने बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। रविवार को सड़क का करीब तीन मीटर हिस्सा शिप्रा नदी में समा गया, जबकि सड़क की सुरक्षा दीवार (प्रोटेक्शन वॉल) भी ढह गई। इससे पुल से पहले करीब 20 मीटर लंबा सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। फिलहाल यातायात केवल सीमित हिस्से से संचालित किया जा रहा है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।

पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण शिप्रा नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ गया है। नदी के तेज कटाव ने सड़क की सुरक्षा दीवार को नुकसान पहुंचाया, जिसके बाद सड़क का हिस्सा भी धंसकर नदी में समा गया। कटाव लगातार जारी रहने से आसपास की सड़क भी खतरे की जद में है।

क्षतिग्रस्त स्थल पर फिलहाल करीब पांच मीटर चौड़े हिस्से से वाहनों की आवाजाही कराई जा रही है। हालांकि लगातार बारिश और भारी वाहनों का दबाव बना रहा तो सड़क का और हिस्सा प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
पूरे कुमाऊं पर पड़ सकता है असर
भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ समेत पूरे कुमाऊं की प्रमुख संपर्क सड़क है। इस मार्ग के बाधित होने की स्थिति में हजारों यात्रियों की आवाजाही, पर्यटन गतिविधियां, व्यापार, फल एवं सब्जियों की ढुलाई तथा आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

पुल सुरक्षित है, सुरक्षा दीवार बनाई जा रही : AE NH
AE NH प्रकाश रौतेला ने सीएनई संवाददाता को बताया कि रामगाड़ पुल नहीं, बल्कि सड़क की प्रोटेक्शन वॉल क्षतिग्रस्त हुई है। सुरक्षा दीवार के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल पुल पूरी तरह सुरक्षित है और एहतियात के तौर पर सुरक्षात्मक कार्य किए जा रहे हैं, जिन्हें दो से तीन दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मौके पर पहुंची एनएच और पुलिस टीम
घटना की सूचना मिलते ही एनएच विभाग और पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। निरीक्षण के दौरान एनएच के AE प्रकाश रौतेला, प्रमोद कुमार, पंकज कुमार, गोधन मनराल, कोतवाली भवाली प्रभारी प्रकाश मेहरा तथा खैरना चौकी प्रभारी उपाध्याय मौजूद रहे।



