वर्किंग मॉडल व चित्रकला प्रदर्शनी ने मोहा सभी का मन
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। बियरशिबा स्कूल में शनिवार को विज्ञान, वाणिज्य एवं मानविकी विषयों पर आधारित मॉडल एवं चित्रकला प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच, नवाचार और सृजनात्मक अभिव्यक्ति का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अनेक आकर्षक एवं वर्किंग मॉडल तथा चित्रकृतियाँ प्रस्तुत कीं। विद्यार्थियों की प्रतिभा और मेहनत से सजी इस प्रदर्शनी ने अतिथियों, अभिभावकों और शिक्षकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य निर्णायक मंडल के सदस्य एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. डी.एस. धामी (रसायन विज्ञान विभाग, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा) एवं सहायक प्रोफेसर रविन्द्रनाथ पाठक (कंप्यूटर साइंस विभाग, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा), स्कूल की अकादमिक डायरेक्टर दीपिका विल्सन तथा उपप्रधानाचार्य हरीश कांडपाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया।

प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने वाटर साइकल, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, इको सिस्टम, टेस्ला टावर, ड्रोन, टॉर्नेडो, न्यूक्लियर पावर प्लांट, एटीएम, साइक्लोन, हाइड्रोलिक ब्रिज, रिन्यूएबल एनर्जी सोर्सेज, सस्टेनेबल डेवलपमेंट, रिफ्लेक्शन ऑफ लाइट, एटॉमिक मॉडल, इलेक्ट्रिक लिफ्ट और सेक्टर्स ऑफ इकोनॉमी जैसे विषयों पर आधारित वर्किंग मॉडल तैयार किए। इन मॉडलों के माध्यम से विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण, तकनीकी नवाचार और आर्थिक अवधारणाओं को सरल एवं व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत किया गया। चित्रकला अनुभाग में भी विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता और कलात्मक अभिव्यक्ति ने सभी को प्रभावित किया।
अकादमिक डायरेक्टर दीपिका विल्सन और उपप्रधानाचार्य हरीश कांडपाल ने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियाँ विद्यार्थियों की वैज्ञानिक एवं रचनात्मक प्रतिभा को निखारने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नवाचार, वैज्ञानिक सोच और सृजनात्मक अभिव्यक्ति को जीवन का हिस्सा बनाते हुए निरंतर सीखने और आगे बढ़ने का आह्वान किया।
निर्णायक मंडल ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मॉडलों और चित्रकृतियों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों ने विषयों की गहरी समझ, कल्पनाशीलता, प्रस्तुतीकरण कौशल और उत्कृष्ट परिश्रम का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों में वैज्ञानिक चिंतन, समस्या-समाधान क्षमता, आत्मविश्वास और व्यावहारिक ज्ञान का विकास करती हैं।
प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भी भागीदारी की। उन्होंने विद्यार्थियों के मॉडल और चित्रकृतियों का अवलोकन कर उनकी वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और प्रस्तुतीकरण कौशल की मुक्तकंठ से सराहना की। अभिभावकों ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें व्यावहारिक ज्ञान और नवाचार की दिशा में प्रेरित करते हैं।
प्रतियोगिता के परिणाम
जूनियर वर्ग में एक्सपेंडेड फॉर्म प्रथम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग एंड वाटर साइकल द्वितीय तथा तृतीय स्थान पर अन्य उत्कृष्ट मॉडल रहे।
मिडिल वर्ग में मॉडर्न सिटी प्रथम, टेस्ला टावर एवं एल.सी.एम. द्वितीय तथा न्यूक्लियर पावर प्लांट तृतीय स्थान पर रहा।
सीनियर वर्ग में वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रथम, हाइड्रोलिक ब्रिज द्वितीय तथा हाइड्रोलिक रोबोटिक एवं एम्प्लॉयी रिकॉर्ड डेटाबेस तृतीय स्थान पर रहे।
समापन अवसर पर प्रबंधन समिति की चेयरपर्सन निरुपमा भट्ट तलवार, सचिव तिलक राज तलवार, अध्यक्ष रूपेंद्र तलवार और मुस्कान तलवार ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और पूरे स्कूल परिवार को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बियरशिबा स्कूल भविष्य में भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे रचनात्मक, नवाचारपूर्ण और ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।



