ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश
सीएनई रिपोर्टर, सुयालबाड़ी। हरतोला अनुभाग के सुयालबाड़ी और ढोकाने क्षेत्र में गुलदार के बढ़ते खतरे को देखते हुए वन विभाग हाई अलर्ट पर है। वन क्षेत्राधिकारी के आदेशानुसार विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार मुस्तैद है और सघन गश्त कर रही है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि विभाग ने ग्रामीणों को स्पष्ट हिदायत दी है कि वे सूर्यास्त के बाद अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और अपने बच्चों व पालतू पशुओं की सुरक्षा को लेकर अत्यधिक सावधानी बरतें, ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।



वन क्षेत्राधिकारी के निर्देशों का पालन करते हुए वन विभाग की टीम ने रविवार को सुयालबाड़ी और ढोकाने के संवेदनशील इलाकों में कॉम्बिंग की। गुलदार की संभावित आवाजाही को देखते हुए टीम हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रही है। विभाग का उद्देश्य वन्यजीवों के मानवीय बस्तियों में प्रवेश को रोकना और ग्रामीणों के मन से भय को कम करना है।
जनजागरूकता अभियान के दौरान टीम ने ग्रामीणों को वन्यजीवों से बचाव के गुर सिखाए। वन विभाग ने अपील की है कि यदि कहीं भी गुलदार या तेंदुआ दिखाई दे, तो स्वयं उससे निपटने के बजाय तुरंत विभाग को सूचित करें। इसके अलावा, रात के समय घर के आसपास पर्याप्त रोशनी रखने और झाड़ियों की सफाई रखने का सुझाव भी दिया गया है।
वन कर्मियों ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को समझाया कि वे शाम ढलते ही अपने पालतू पशुओं को सुरक्षित बाड़ों में बांध दें। सबसे अधिक जोर बच्चों की सुरक्षा पर दिया गया है, क्योंकि गुलदार अक्सर छोटे बच्चों को आसान शिकार समझकर निशाना बनाता है। ग्रामीणों से समूह में चलने और हाथ में डंडा रखने की भी सलाह दी गई है।
अफवाहों से बचने की अपील
वन विभाग ने क्षेत्रवासियों से आग्रह किया है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली अपुष्ट सूचनाओं और अफवाहों पर ध्यान न दें। विभाग ने स्पष्ट किया कि उनकी टीम क्षेत्र में चौबीस घंटे सक्रिय है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। किसी भी आपात स्थिति के लिए विभाग ने अपने संपर्क नंबर भी साझा किए हैं।
इस महत्वपूर्ण सुरक्षा अभियान और गश्त के दौरान वन दरोगा संजय कुमार टम्टा के नेतृत्व में टीम मुस्तैद रही। मौके पर वन आरक्षी वीरपाल सिंह, विपिन बिष्ट, बीट सहायक कुंदन प्रसाद, धर्मानंद शर्मा, प्लांटेशन श्रमिक दीवान सिंह, धर्मपाल, फायर वाचर राजेंद्र सिंह, नंदकिशोर और प्रमोद बिष्ट शामिल रहे। इसके साथ ही सामाजिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए ढोकाने के पूर्व सरपंच प्रदीप परगाई और बी.टी.सी चंद्रा परगाई ने भी ग्रामीणों को जागरूक करने में सहयोग दिया।


