HomeBreaking NewsBig News : नैनीताल पुलिस ने पकड़ा सपेरों का शातिर गिरोह

Big News : नैनीताल पुलिस ने पकड़ा सपेरों का शातिर गिरोह

25 लाख के जेवरात सहित तीन गिरफ्तार

पर्यटक बनकर आते थे और रात में करते थे हाथ साफ

CNE REPORTER, हल्द्वानी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल, मंजूनाथ टीसी ने हल्द्वानी और मुखानी क्षेत्र के बंद घरों में चोरी करने वाले सपेरों के एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 25 लाख रुपये से अधिक मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और बर्तन बरामद किए हैं। आरोपी हरिद्वार के निवासी हैं, जो घूमने के बहाने आकर रेकी करते थे और चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। शानदार कार्य करने वाली पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने 2500 रुपये के नगद पुरस्कार की घोषणा की है।

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हल्द्वानी क्षेत्र में चोरी की दो प्रमुख घटनाएं सामने आई थीं। पहली घटना 1 मई 2026 की है, जिसमें हरिपुर मोतिया निवासी मनोज कुमार जोशी के घर से तब आभूषण चोरी हुए जब वह परिवार सहित कोटाबाग गए हुए थे। इस संबंध में हल्द्वानी कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता की धारा 305(ए) और 331(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। दूसरी घटना 30 अप्रैल को मुखानी थाना क्षेत्र के कृष्णा पुरम में हुई, जहाँ लक्ष्मण सिंह के घर का ताला तोड़कर नकदी, घड़ी और पायल चोरी कर ली गई थी। इन घटनाओं के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।

पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कत्याल और क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार सैनी के पर्यवेक्षण में पुलिस टीमों का गठन किया गया। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें आरोपी संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिए। स्थानीय लोगों से पूछताछ में पता चला कि हरिद्वार नंबर की मोटरसाइकिल से दो संदिग्ध व्यक्ति क्षेत्र में घूम रहे थे। सुराग जुटाते हुए पुलिस टीम ने 9 मई 2026 को बेल बाबा मंदिर के पास घेराबंदी कर प्रदीपनाथ उर्फ मंदीप, रोहितास उर्फ पोपे उर्फ बासु और गुरविन्दर को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे मूल रूप से हरिद्वार की सपेरा बस्ती के निवासी हैं और सपेरे का काम करते हैं। वे नैनीताल घूमने के बहाने आए थे और हल्द्वानी के ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र के एक होटल में ठहरे थे। दिन में वे उन घरों की रेकी करते थे जो बंद रहते थे और रात के अंधेरे में ताले तोड़कर कीमती सामान उड़ा लेते थे। पुलिस अब इनके अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है, हालांकि आरोपी गुरविन्दर के खिलाफ रायपुर और डोईवाला थानों में पहले से मुकदमे दर्ज पाए गए हैं।

आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने लगभग 25 लाख रुपये का कीमती सामान बरामद किया है। इसमें सफेद धातु (चांदी) का एक कटोरा, तीन जोड़ी पायल, सात बिछुए, तीन धागुला और एक कमरबंद शामिल है। इसके अलावा पीली धातु (सोना) का एक कटोरा और प्लेट, एक हार, एक चैन, तीन मंगलसूत्र, तीन टिक्की चोटी, एक जोड़ी कान के टॉप्स, सोने के 15 दाने, दो चोकर, तीन अंगूठी और पौची के 18 दाने सहित अन्य आभूषण बरामद किए गए हैं।

सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम

इस संयुक्त कार्यवाही में वरिष्ठ उपनिरीक्षक रोहिताश सागर, उपनिरीक्षक मनोज कुमार (चौकी प्रभारी ट्रांसपोर्ट नगर), उपनिरीक्षक विरेन्द्र चन्द्र, उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह, मुख्य आरक्षी इसरार नवी (तकनीकी टीम), आरक्षी दिनेश नगरकोटी, आरक्षी अनिल टम्टा, आरक्षी प्रयाग जोशी, आरक्षी बलवन्त बिष्ट, आरक्षी रविन्द्र खाती, आरक्षी धीरेन्द्र अधिकारी और आरक्षी अनिल गोस्वामी शामिल रहे। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली हल्द्वानी विजय सिंह मेहता और थानाध्यक्ष मुखानी सुशील जोशी के नेतृत्व में इस टीम ने मामले का सफल अनावरण किया।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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