जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने दिए सफलता के मंत्र
उच्च शिक्षा और सरकारी योजनाओं पर मार्गदर्शन
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर।


उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 की इंटरमीडिएट परीक्षा में अपनी मेधा का परचम लहराने वाली छात्राओं के लिए जिला प्रशासन ने एक अनूठी पहल की है। ब्लॉक स्तर पर शीर्ष 10 में स्थान प्राप्त करने वाली होनहार छात्राओं के सम्मान और प्रोत्साहन हेतु कलेक्ट्रेट सभागार में “कॉफी विद डी.एम.” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल मेधावियों को सम्मानित किया गया, बल्कि उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का मंत्र भी दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने छात्राओं के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने छात्राओं को उच्च शिक्षा के विविध अवसरों और प्रतियोगी परीक्षाओं की बारीकियों से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने बदलते परिवेश का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रतिस्पर्धा का स्तर अत्यंत ऊंचा हो गया है। ऐसे में विद्यार्थियों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “आप जिस भी क्षेत्र में अपना भविष्य देखते हैं, उसकी नींव अभी से रखें। श्रेष्ठ संस्थानों का चयन करें और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूर्ण समर्पण व निरंतर परिश्रम को अपना मूलमंत्र बनाएं।”
छात्राओं के भविष्य को लेकर संवेदनशील नजर आईं जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं और उनके आवेदनों के संबंध में समय पर जानकारी उपलब्ध कराई जाए ताकि कोई भी मेधावी अवसर से वंचित न रहे। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं के लिए सरकार की “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना के तहत उच्च शिक्षा हेतु पर्याप्त प्रावधान और वित्तीय सहायता उपलब्ध है।
मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी ने भी छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि इंटरमीडिएट के बाद का समय जीवन का सबसे निर्णायक मोड़ होता है, इसलिए इसका सदुपयोग करना अनिवार्य है। उन्होंने छात्राओं को पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यमों का सहारा लेने की सलाह दी ताकि वे देश-दुनिया के करियर विकल्पों से अपडेट रह सकें।
यह गरिमामयी कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य “मेधावी बेटियों का सम्मान, जनपद का बढ़ता मान” के संदेश को धरातल पर उतारना था। प्रेरणादायक संवाद के माध्यम से छात्राओं को यह अहसास कराया गया कि उनकी सफलता न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे जनपद के लिए गौरव का विषय है।
समारोह के दौरान कलेक्ट्रेट सभागार उत्साह से भरा रहा। इस अवसर पर मुख्य शिक्षा अधिकारी विनय कुमार, डीपीओ मंजूलता, संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकगण और मेधावी छात्राओं के अभिभावक उपस्थित रहे। अभिभावकों ने जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे भविष्य में और बेहतर करने के लिए प्रेरित होते हैं।


