सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। जनपद में पिछले दो दिनों से जारी भीषण गर्मी के बाद मंगलवार दोपहर मौसम ने अचानक करवट बदली। तेज हवाओं और भीषण तूफान ने जिले के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनका उपचार जिला चिकित्सालय में चल रहा है। तूफान के कारण कई आवासीय मकानों और गौशालाओं की छतें उड़ गईं, जबकि सड़कों पर पेड़ गिरने से घंटों यातायात बाधित रहा। आपदा की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीमों को मौके पर रवाना कर दिया गया है।







जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि जिले के विभिन्न ग्रामों से भारी नुकसान की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। ग्राम मझेड़ा में मंगल राम पुत्र जगत राम की गौशाला की टीन की छत उड़ गई, जबकि घिंघारतोला के ग्राम बसेत में कमला देवी पत्नी जगत सिंह के घर को नुकसान पहुँचा है। इसी तरह ग्राम उड़ेरा में धीरज सिंह पुत्र कुन्दन और पूजा देवी पत्नी नन्दन सिंह के किचन की छत उड़ने की जानकारी मिली है। ग्राम भतोरा में भुवन चंद्र उपाध्याय के मकान की छत और ग्राम करूली निवासी हयात राम पुत्र सदी राम के आवासीय मकान से लगे रसोईघर को भी भारी क्षति पहुँची है। राजस्व उप निरीक्षकों द्वारा इन सभी क्षेत्रों का निरीक्षण कर लिया गया है।
तहसीलदार कांडा के अनुसार ग्राम मलसूना में गौशाला की छत उड़ने से हेमा देवी पत्नी स्व. रमेश सिंह घायल हो गई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया है। वहीं मंडलसेरा में एक बारात का टैंट भी तूफान की भेंट चढ़ गया, हालांकि वहां कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी चिकित्सक डॉ. पूनम ने पुष्टि की है कि अब तक 12 से अधिक घायल भर्ती किए गए हैं, जिनमें से कई के सिर पर गंभीर चोटें हैं। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि वे नुकसान की तत्काल रिपोर्ट तैयार कर प्रभावितों को मानक के अनुसार राहत राशि प्रदान करें।
विभिन्न क्षेत्रों में हुए अन्य नुकसान का विवरण इस प्रकार है:
- ग्राम गौजानी हवन तोली में पेड़ गिरने से नंदा बल्लभ पुत्र केशव का आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गया है।
- ग्राम गडौली झिटोली और कमेडी देवी में पुरन सिंह के मकान की टीन की छत को नुकसान पहुँचा है।
- ग्राम बनैगांव में संतोष राम पुत्र किसन राम का आवासीय मकान भी तूफान की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हुआ है।
तूफान और बारिश के कारण एक ओर जहाँ जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है, वहीं दूसरी ओर जंगलों में लगी आग से राहत भी मिली है। भीषण गर्मी के कारण जिले के कई जंगल आग की भेंट चढ़ रहे थे, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा था। मंगलवार दोपहर बाद हुई बारिश से वनाग्नि काफी हद तक शांत हो गई है और तापमान में गिरावट आने से स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है।


