सुसाइड नोट में बयां किया यह दर्द…
सीएनई रिपोर्टर, नैनीताल। एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां कलेक्ट्रेट पार्किंग क्षेत्र (जिलाकोर्ट) में एक अधिवक्ता ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। सोमवार की सुबह जब कलेक्ट्रेट और कोर्ट परिसर में वकील और मुवक्किलों की चहल-पहल सामान्य रूप से जारी थी, तभी अचानक गूंजी एक गोली की आवाज ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एडवोकेट पूरन सिंह भाकुनी अपनी कार के भीतर मृत अवस्था में पाए गए। करीब 11:30 बजे जब लोगों की नजर पार्किंग में खड़ी उनकी कार पर पड़ी, तब तक अधिवक्ता के सिर पर गोली लग चुकी थी और उनका शरीर लहूलुहान हो चुका था।
बताया जा रहा है कि पार्किंग संचालक की सूचना पर जब पुलिस और अन्य वकील मौके पर पहुंचे, तो कार के भीतर का दृश्य बेहद विचलित करने वाला था। अधिवक्ता के हाथ में पिस्टल और पास ही डैशबोर्ड पर एक सुसाइड नोट रखा हुआ था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया और साक्ष्य जुटाए।
औने—पौने दामों पर बेचा था करोड़ों का मकान
शुरुआती जांच में यह मामला गंभीर बीमारी से उत्पन्न मानसिक तनाव का लग रहा है। हालांकि, इलाके में इस बात की भी चर्चा है कि करोड़ों का मकान औने-पौने दामों में बेचने के बाद से वे काफी परेशान चल रहे थे। एसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने पुष्टि की है कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और हर पहलू की बारीकी से तफ्तीश की जा रही है।
अधिवक्ता के सुसाइड नोट ने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं। नोट में उन्होंने अपनी शारीरिक और मानसिक लाचारी का जिक्र करते हुए प्रशासन से एक मार्मिक अपील की है। उन्होंने लिखा कि वह पिछले एक साल से खुद को संभालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अब ‘जिंदगी की गाड़ी’ को खींचना उनके बस से बाहर हो चुका है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल हथियार और सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है, जिसमें उन्होंने विशेष रूप से अपनी पत्नी की सुरक्षा और मानसिक स्थिति को लेकर चिंता जताई है।
घटनाक्रम और बरामद सुसाइड नोट के मुख्य अंश:
- अंतिम संदेश: सुसाइड नोट में वकील ने लिखा, “मैं इस बीमारी से शारीरिक एवं मानसिक रूप से अत्यधिक कमजोर हो चुका हूं। अब जीवन की गाड़ी को धकेलना असंभव है।”
- प्रशासन से मार्मिक अपील: उन्होंने कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, एसएसपी और डीएम से भावुक अपील करते हुए लिखा कि “मेरी पत्नी को ढांढस बंधा देना ताकि वह कोई गलत कदम ना उठाए।”
- आर्थिक और व्यक्तिगत तनाव: सूत्रों के अनुसार, भाकुनी ने हाल ही में अपना करोड़ों का मकान मात्र 35 लाख रुपए में बेच दिया था, जिसके बाद से वे गहरे तनाव में थे और फिलहाल किराए के मकान में रह रहे थे।
- वैवाहिक स्थिति: मृतक अधिवक्ता की शादी महज एक साल पहले ही हुई थी, जिसके चलते इस आत्मघाती कदम ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
- पुलिस की कार्रवाई: फॉरेंसिक टीम ने कार से फिंगरप्रिंट्स और अन्य साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस जांच कर रही है कि लाइसेंसी पिस्टल किसकी थी और सुसाइड के पीछे मकान बेचने का विवाद कितना बड़ा कारण था।


