सुयालबाड़ी क्षेत्र के बीटों का स्थलीय निरीक्षण
विश्राम गृह के जीर्णोद्धार की तैयारी
सीएनई रिपोर्टर, सुयालबाड़ी। आगामी गर्मियों के सीजन को देखते हुए वन विभाग ने वनाग्नि की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में विभागीय अधिकारियों द्वारा प्यूड़ा अनुभाग और मोरपत्यूरी क्षेत्र के विभिन्न बीटों का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान वनाग्नि से बचाव के लिए बीट अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी करने के साथ ही बुनियादी ढांचे की मजबूती पर भी बल दिया गया।




प्यूड़ा अनुभाग के अंतर्गत कपिलेश्वर बीट के निरीक्षण के दौरान वनाग्नि प्रबंधन की समीक्षा की गई। विभागीय अधिकारियों ने बीट अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए कि वनों को आग से बचाने के लिए निरंतर गश्त की जाए और सुरक्षा के सभी आवश्यक मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके उपरान्त मोरपत्यूड़ी प्रथम बीट स्थित चौड़ा सिद्ध फायर क्रू स्टेशन का भी जायजा लिया गया, जहाँ तैनात बीट प्रभारी को आग की सूचना पर तत्काल रिस्पांस देने के निर्देश दिए गए।
जीर्ण-शीर्ण वन विश्राम गृह का होगा कायाकल्प
निरीक्षण के दौरान कपिलेश्वर वन विश्राम गृह की स्थिति अत्यंत दयनीय पाई गई। लंबे समय से रखरखाव के अभाव में यह विश्राम गृह जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुँच चुका है।
- बजट का प्रावधान: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने इसके पुनरुद्धार के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं।
- एपीओ में दर्ज: विश्राम गृह के जीर्णोद्धार हेतु आवश्यकतानुसार बजट का प्रस्ताव वार्षिक कार्ययोजना (एपीओ) में शामिल कर लिया गया है, ताकि जल्द ही इसका नवीनीकरण कार्य शुरू हो सके।
वनीकरण क्षेत्रों एवं बाउंड्री पिलरों का जायजा
निरीक्षण दल ने मोरपत्यूरी प्रथम बीट के अंतर्गत बाउंड्री पिलरों की स्थिति की भी जाँच की, जो उचित अवस्था में पाए गए। इसके साथ ही बीट के दो वनीकरण क्षेत्रों का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया। इन क्षेत्रों में लगाए गए नए पौधों को वनाग्नि से सुरक्षित रखने के लिए बीट प्रभारी को विशेष सुरक्षा घेरा और बचाव उपायों को अपनाने के निर्देश दिए गए।
विभाग की इस तत्परता का मुख्य उद्देश्य संवेदनशील वन क्षेत्रों में आग की घटनाओं को शून्य करना और विभागीय संपत्तियों का उचित रखरखाव सुनिश्चित करना है।


