अनिश्चितकालीन हड़ताल पर इंजीनियर
27 सूत्रीय मांगों को लेकर शक्ति सदन में प्रदर्शन
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। उत्तराखंड राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत डिप्लोमा इंजीनियरों का आंदोलन अब और उग्र होता जा रहा है। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के तत्वाधान में चल रहे द्वितीय चरण के आंदोलन के 13वें दिन, जनपद अल्मोड़ा की शाखा द्वारा शक्ति सदन में विशाल धरना प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन हड़ताल का आयोजन किया गया ।
एकजुट हुआ महासंघ
इस हड़ताल में महासंघ से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के इंजीनियरों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- जल संस्थान एवं जल निगम
- सिंचाई विभाग
- आवास विभाग
- कृषि विभाग
बैठक की अध्यक्षता इंजीनियर शमशाद अंसारी द्वारा की गई, जिन्होंने सभी सदस्यों को एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया ।
27 सूत्रीय मांगों पर अड़ा महासंघ
डिप्लोमा इंजीनियरों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी 27 सूत्रीय मांगों और समस्याओं का निराकरण नहीं हो जाता, तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी । इस हड़ताल के कारण राज्य में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्य एवं आवश्यक सेवायें गंभीर रूप से प्रभावित होने की संभावना है ।
इंजीनियरों ने दो टूक शब्दों में शासन-प्रशासन को चेतावनी दी है कि:
“निर्माण कार्यों और आवश्यक सेवाओं में होने वाली किसी भी प्रकार की देरी अथवा रुकावट के लिए इंजीनियरों की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी” ।
उपस्थिति और नेतृत्व
इस अवसर पर संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे, जिनमें मंडल उपाध्यक्षा (लो.नि.वि.) रिनी पाण्डे, मंडल महामंत्री (लो.नि.वि.) हिमांशु जोशी, जनपद अध्यक्ष जी.एस. मेहरा, शाखा अध्यक्ष सूरज सिंह रावत और शाखा सचिव हितांशी नैलवाल प्रमुख थे ।
इसके अतिरिक्त बैठक में मयंक जोशी, कनिका टाकुली, अर्जुन सिंह नेगी, स्वाति परवाल, रितिक चौहान, विशाखा पंत वर्मा, दीपक, कोकिला तिवारी, अनिल बिष्ट, शेखर पांडे और शुभम जोशी सहित भारी संख्या में डिप्लोमा इंजीनियर उपस्थित रहे ।



