प्रियांशु डसीला और अंजलि चुने गए सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवक
सात दिनों तक ताकुला के नाई गाँव में गूंजी सेवा और समर्पण की गूँज
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का शनिवार को राजकीय इंटर कॉलेज नाई (विकासखंड ताकुला) में रंगारंग कार्यक्रमों के साथ विधिवत समापन हो गया। समापन समारोह में स्वयंसेवकों ने अपनी कला और ऊर्जा से उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और राजकीय इंटर कॉलेज नाई के प्रधानाचार्य डॉ. पवनेश ठकुराठी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना मात्र एक गतिविधि नहीं, बल्कि प्रतिभा को निखारने का एक सशक्त मंच है। उन्होंने कहा, “शिविर के दौरान आयोजित गतिविधियाँ छात्रों के भीतर नेतृत्व, अनुशासन और सेवा भावना जैसे गुणों का स्वाभाविक विकास करती हैं, जो उनके भविष्य की राह प्रशस्त करेंगे।”
कार्यक्रम अधिकारी आर.एन. पाठक ने सात दिनों की यात्रा को अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि ये अनुभव छात्रों के जीवन की अनमोल पूंजी बनेंगे। वहीं, विश्वविद्यालय के एनएसएस समन्वयक डॉ. डी.एस. धामी ने विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर छात्रों के भविष्य की नींव को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
प्रतियोगिताओं में दिखा हुनर, इनका रहा दबदबा
सात दिनों तक चले इस बौद्धिक और शारीरिक सत्र के दौरान लोकगीत, लोकनृत्य, वाद-विवाद, कविता पाठ, भाषण, प्रश्नोत्तरी, निबंध और डायरी लेखन जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रदर्शन के आधार पर विजेताओं की घोषणा की गई:
- बेस्ट स्वयंसेवक (पुरुष): प्रियांशु डसीला
- बेस्ट स्वयंसेवक (महिला): अंजलि
- सर्वश्रेष्ठ समूह: ग्रुप ‘बी’
बौद्धिक सत्र और क्षेत्रीय भ्रमण
शिविर के दौरान विशेषज्ञों ने छात्रों का मार्गदर्शन किया। वीरशिवा सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य हरीश कांडपाल, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के संदीप सिंह और डॉ. पवनेश ठकुराठी ने विभिन्न समसामयिक विषयों पर व्याख्यान दिए। साथ ही गणेश चंद्र शर्मा, अर्पण साह, अंकित जोशी और अंजलि आर्या ने भी बौद्धिक सत्रों को संबोधित किया। शिविर का एक मुख्य आकर्षण गणनाथ मंदिर का पैदल भ्रमण रहा, जिससे छात्रों को स्थानीय संस्कृति और प्रकृति को करीब से जानने का अवसर मिला।
इस अवसर पर महिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रेमा खाती, कार्यक्रम सहायक नंदन जड़ौत, जितेन्द्र कुमार सहित वरिष्ठ स्वयंसेवी राहुल जोशी, पारस बिष्ट, हिमांशु जोशी, चंदन सिंह बिष्ट, प्रांजल कुंजवाल, पंकज सिंह पाना, जितेन्द्र शर्मा, मेघा उपाध्याय, दिव्या, हर्षिता, प्रियंका और सैकड़ों स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।


